फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Being treated in hospital patient sent home 11 pm

उपचारधीन मरीज को रात 11 बजे भेजा घर

Wed, 27 Aug 2014 11:39 AM IST
हेमंत ज्योतिसर/ अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
हेमंत ज्योतिसर/ अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Wed, 27 Aug 2014 11:39 AM IST
विज्ञापन
चिकित्सक को मालूम नहीं और स्टाफ नर्स ने ही एक माह से उपचाराधीन मरीज को छुट्टी देकर रात 11 बजे घर भेज दिया।
विज्ञापन


स्टाफ नर्स ने स्वयं ही इस मरीज की फाईल जमा कर दी, क्योंकि छुट्टी के बाद उपचारधीन व्यक्ति की फाईल रिकार्ड में जमा कर दी जाती है।

एलएनजेपी में चिकित्साधिकारियों के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे मरीज राजेंद्र और उसकी बहन मुकेश सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक डॉक्टरों व स्टाफ के पास चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें न तो संतोषजनक जवाब मिला और न ही नर्स द्वारा रखी गई फाईल मिली।

उल्लेखनीय है कि यह मरीज जिला जेल अंबाला में वार्डन है और पिछले एक माह से लीवर में पस की दिक्कत से जूझ रहा है, जिसका उपचार डा. शैलेंद्र ममगाईं शैली कर रहे हैं।
विज्ञापन


डॉ. शैली के पास जब मरीज सुबह अपनी समस्या लेकर पहुंचा, तो उन्होंने इस बात पर हैरत जताते हुए अधिकारियों से मिलने को कह दिया।

आरएमओ की पर्ची पर भी नहीं दी फाइल
आरएमओ डा. एसएस अरोड़ा ने भटक रहे मरीज को फाइल उपलब्ध कराने के लिए ड्यूटी पर तैनात स्टाफ कर्मियों को स्लिप भेजी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस स्लिप को नकारते हुए स्टाफ ने मरीज व उसके परिजनों को चक्कर पर चक्कर कटवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉक्टर भी पहुंचे आपातकालीन में फाइल दिलाने बारे
मरीज की समस्या को समझते हुए डॉक्टर शेर सिंह शेर अपातकालीन वार्ड में पहुंचे। यहां ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मी को डॉक्टर ने मरीज की फाइल उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन इस कर्मी ने उन्हें भी आश्वासन देकर टरका दिया।

रात 11 बजे भेज दिया घर
मरीज राजेंद्र कुमार ने बताया कि वह पिछले एक माह से लीवर में पस की बीमारी से पीड़ित है। रात 11 बजे एक स्टाफ नर्स उसके पास आई और उसे घर जाने को कह दिया। राजेंद्र के मुताबिक अब तक तीन बार उसके लीवर से पस निकाली जा चुकी है।

पिछले माह 28 तारीख को हुए थे दाखिल
राजेंद्र के अनुसार 28 जुलाई को वह अस्पताल में दाखिल हुआ था और डॉ. शैली उनका उपचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है, न तो कोई स्टाफ कर्मी मरीज की सुनता है और न ही कोई अधिकारी।


शिकायत दे, होगी कार्रवाई : डॉ. झांब
कार्यकारी सीएमओ डॉ. एनके झांब ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है और यदि ऐसा हुआ है, तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीज लिखित में अपनी शिकायत उन्हें दें, उसके बाद नियमानुसार जो भी कार्रवाई बनेगी, वह की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed