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Chandigarh News: कथा से पहले कलशयात्रा निकली, महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
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चंडीगढ़। सेक्टर-28 डी के प्राचीन श्री खेड़ा शिव मंदिर में रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। यह कथा 8 मार्च तक होगी। कथा से पूर्व मंदिर से कलश शोभायात्रा का आयोजन हुआ। यह सेक्टर-28 के अलग-अलग भागों से होता हुई मंदिर पहुंचकर संपूर्ण हो गई। महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चली। कलश यात्रा से पहले मंदिर में भगवान की पूजा अर्चना और आरती हुई। यह कथा श्री खेड़ा शिव मंदिर सभा के पूर्व महासचिव स्वर्गीय जगदीश चंद्र गौतम की स्मृति में की जा रही है।
माता-पिता भगवान का ही रूप
श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा व्यास आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने दिव्य प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि जो माता-पिता की सेवा करके अपने माता-पिता को प्रसन्न कर लेता है। उसे भगवान का साक्षात्कार हो जाता है। माता-पिता भगवान का ही रूप होते हैं। मातृ देवो भव, पितृ देवो भव। ऐसा हमारे उपनिषदों व श्रुतियों ने कहा है। जो माता-पिता एवं बड़ों की निस्वार्थ भाव से सेवा करता है तथा भागवत कथा का श्रवण करता है तो समझो उसे घर बैठे ही कुंभ स्नान का फल प्राप्त हो गया।
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माता-पिता भगवान का ही रूप
श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा व्यास आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने दिव्य प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि जो माता-पिता की सेवा करके अपने माता-पिता को प्रसन्न कर लेता है। उसे भगवान का साक्षात्कार हो जाता है। माता-पिता भगवान का ही रूप होते हैं। मातृ देवो भव, पितृ देवो भव। ऐसा हमारे उपनिषदों व श्रुतियों ने कहा है। जो माता-पिता एवं बड़ों की निस्वार्थ भाव से सेवा करता है तथा भागवत कथा का श्रवण करता है तो समझो उसे घर बैठे ही कुंभ स्नान का फल प्राप्त हो गया।
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