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इनेलो की राजनीतिक इच्छा शक्ति हो रही खत्म : बेदी
न्यूड डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:17 PM IST
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बेदी
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हरियाणा के सियासी गलियारों में चल रही इनेलो-बसपा गठजोड़ की संभावनाओं पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने तंज कसा है। बेदी ने यहां कहा कि इनेलो की राजनीतिक इच्छाशक्ति खत्म हो रही है। अपने वजूद को बचाने के लिए इनेलो नेताओं को अब गैर भाजपा, गैर कांग्रेस मोर्चा बनाने की याद आई है। बसपा अध्यक्ष मायावती को जन्मदिन की बधाई देने वाला इनेलो क्यों भूल रहा है कि चुनाव परिणाम अपेक्षा अनुरूप नहीं आने पर उन्होंने बसपा से ही गठबंधन तोड़ लिया था।
इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के बयान पर चुटकी लेते हुए बेदी ने कहा कि इनेलो नेताओं की राजनीतिक इच्छाशक्ति अब दम तोड़ने लगी है और उन्हें अपना अस्तित्व समाप्त होता नजर आ रहा है, इसीलिए वह गठबंधन कर सत्ता में आने के लिए अपने रास्ते खोजने में लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और अजय सिंह चौटाला के जेल में होने के बाद इनेलो को अपना भविष्य अधंकारमय नजर आ रहा है।
इनेलो ने वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन करते हुए नारा दिया था कि ‘रख कर पत्थर छाती पर, मोहर लगाओ हाथी पर’। चुनाव परिणाम जारी होने के बाद उसी शाम इनेलो ने बसपा के साथ गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया था। आज फिर से बसपा के साथ नजदीकियां बढ़ा रहा चौटाला परिवार अपनी अंतिम राजनीतिक लड़ाई लड़ रहा हैं। एसवाईएल के मुद्दे को इनेलो नेता राजनीतिक आक्सीजन पाने के लिए इस्तेमाल करते हैं और जब वह सरकार में होते हैं, तब एसवाईएल का पानी लाना भूल जाते हैं। एचएसएससी मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल पूरी तरह से गंभीर हैं। यदि कोई ओर मुख्यमंत्री होता तो मामले को फाइलों में ही दबा कर रख देता।
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इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के बयान पर चुटकी लेते हुए बेदी ने कहा कि इनेलो नेताओं की राजनीतिक इच्छाशक्ति अब दम तोड़ने लगी है और उन्हें अपना अस्तित्व समाप्त होता नजर आ रहा है, इसीलिए वह गठबंधन कर सत्ता में आने के लिए अपने रास्ते खोजने में लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और अजय सिंह चौटाला के जेल में होने के बाद इनेलो को अपना भविष्य अधंकारमय नजर आ रहा है।
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इनेलो ने वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन करते हुए नारा दिया था कि ‘रख कर पत्थर छाती पर, मोहर लगाओ हाथी पर’। चुनाव परिणाम जारी होने के बाद उसी शाम इनेलो ने बसपा के साथ गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया था। आज फिर से बसपा के साथ नजदीकियां बढ़ा रहा चौटाला परिवार अपनी अंतिम राजनीतिक लड़ाई लड़ रहा हैं। एसवाईएल के मुद्दे को इनेलो नेता राजनीतिक आक्सीजन पाने के लिए इस्तेमाल करते हैं और जब वह सरकार में होते हैं, तब एसवाईएल का पानी लाना भूल जाते हैं। एचएसएससी मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल पूरी तरह से गंभीर हैं। यदि कोई ओर मुख्यमंत्री होता तो मामले को फाइलों में ही दबा कर रख देता।
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