सावधान! चंडीगढ़ में घूम रहे मांस के शौकीन कुत्ते!
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चंडीगढ़ में अभी तक तेंदुए के होने का आशंका जताई जा रही थी। अब जंगली कुत्ते होने की बात कही जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए के पगमार्क पर सवाल उठाए हैं।
वन विभाग के कुछ अधिकारी और पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक जो निशान मिले हैं, वे जंगली कुत्तों के भी हो सकते हैं। दोनों के पग मार्क काफी मिलते-जुलते हैं और चंडीगढ़ व आसपास के जंगलों में जंगली कुत्ते भी हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक किसी ने तेंदुए को देखा नहीं है, सिर्फ कुत्तों के मरने पर एक अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है कि तेंदुआ हो सकता है।
हालांकि, वन्य विभाग के चीफ कंजरवेटिव आफिसर संतोष कुमार ने कहा है कि अब तक जो निशान मिले हैं, वे तेंदुए और शावक के हैं। इसलिए कोई भी खतरा नहीं लिया जा सकता। वन विभाग के कर्मचारी भी डेढ़ हफ्ते से लगातार तलाश में जुटे हैं।
डड्डूमाजरा में लगाए गए दो पिंजरे
वन विभाग के कर्मचारियों ने डड्डूमाजरा के पास भी दो पिंजरे लगाए हैं। इस बार इसमें जिंदा बकरे को बांधा गया है। वन विभाग के कर्मचारी भी रातभर पिंजरे के आसपास ही रुकते हैं, ताकि कोई कुत्ता व अन्य जानवर न फंस जाए। डड्डूमाजरा से पहले बोटेनिकल गार्डन व उसके सामने बने जंगल में पिंजरा लगाया गया था, क्योंकि वहां भी तेंदुए के पग मार्क मिले थे।