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बेटे को विदेश भेजने की तैयारी कर रहे हैं, सावधान कहीं आपके साथ भी ऐसा न हो जाए
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sat, 29 Apr 2017 09:28 AM IST
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ट्रैवल एजेंट की धोखाधड़ी
अगर आप भी अपने बेटे को विदेश भेजने तैयारी कर रहे हैं तो सावधान कहीं आपके साथ भी ये कांड न हो जाए। घटना हरियाणा के रोहतक की है। एक राजमिस्त्री ने अपने रिश्तेदारों से रुपये इकट्ठा कर अपने बेटे को मर्चेंट नेवी में नौकरी करने के लिए विदेश भेजा। लेकिन विदेश भेजने वाले एजेंट और राजमिस्त्री के भतीजे ने ही उसके साथ दगा कर दी। राजमिस्त्री के बेटे के साथ विदेश जाने वाला भतीजा तो एक साल बाद वापस आ गया मगर सात साल बीत जाने के बाद भी न तो राजमिस्त्री का बेटा वापस आया और न ही उसका दोस्त।
परिजनों को आज तक यह नहीं पता कि वह जिंदा भी है या नहीं। अब राजमिस्त्री की शिकायत पर एजेंट और भतीजे के खिलाफ धोखाधड़ी और अपहरण का केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में महम निवासी महासिंह ने बताया कि वह राजमिस्त्री है। वर्ष 2010 में राजमिस्त्री के भतीजे कर्मबीर ने उन्हें बताया कि रोहतक की डिफेंस कालोनी निवासी युद्धवीर राठी यमन की मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाता है। उसने भरत कालोनी में एकेडमी भी खोल रखी है।
वह नौकरी लगवाने के लिए एक सदस्य से पांच लाख रुपये लेता है। कर्मबीर ने राजमिस्त्री को झांसे में लेने के लिए कहा कि वह भी यमन में नौकरी के लिए जाएगा। इस पर राजमिस्त्री ने अपने बेटे सोमबीर को यमन भेजने का फैसला लिया। उसने अपने रिश्तेदारों से रुपये इकट्ठा कर एजेंट युद्धवीर को दिये। इतना ही नहीं युद्धवीर ने कर्मबीर के पास पैसे नहीं होने के कारण उसके भी रुपये दिये। बाद में कर्मबीर ने रुपये लौटा दिये थे।
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परिजनों को आज तक यह नहीं पता कि वह जिंदा भी है या नहीं। अब राजमिस्त्री की शिकायत पर एजेंट और भतीजे के खिलाफ धोखाधड़ी और अपहरण का केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में महम निवासी महासिंह ने बताया कि वह राजमिस्त्री है। वर्ष 2010 में राजमिस्त्री के भतीजे कर्मबीर ने उन्हें बताया कि रोहतक की डिफेंस कालोनी निवासी युद्धवीर राठी यमन की मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाता है। उसने भरत कालोनी में एकेडमी भी खोल रखी है।
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वह नौकरी लगवाने के लिए एक सदस्य से पांच लाख रुपये लेता है। कर्मबीर ने राजमिस्त्री को झांसे में लेने के लिए कहा कि वह भी यमन में नौकरी के लिए जाएगा। इस पर राजमिस्त्री ने अपने बेटे सोमबीर को यमन भेजने का फैसला लिया। उसने अपने रिश्तेदारों से रुपये इकट्ठा कर एजेंट युद्धवीर को दिये। इतना ही नहीं युद्धवीर ने कर्मबीर के पास पैसे नहीं होने के कारण उसके भी रुपये दिये। बाद में कर्मबीर ने रुपये लौटा दिये थे।
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29 सितंबर 2010 को यमन के लिए रवाना हो गये थे
flight
राजमिस्त्री का कहना है कि 29 सितंबर 2010 को उनका बेटा सोमबीर, भिवानी का कुलदीप और कर्मबीर यमन के लिए रवाना हो गये। करीब आठ महीने काम करने के बाद बाद कर्मबीर 2011 में घर आ गया। मगर कुलदीप और सोमबीर नहीं आये तो इनके बारे में कर्मबीर से पूछा गया।
इस पर कर्मबीर ने बताया कि वह कुछ दिन बाद आएंगे। मगर सात साल बीत जाने के बाद भी सोमबीर और कर्मबीर का कोई सुराग नहीं लगा। राजमिस्त्री ने आरोपी एजेंट युद्धवीर सिंह और कर्मबीर के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कर्मबीर करता रहा गुमराह
यमन से वापस आने के बाद करीब छह महीने तक आरोपी कर्मबीर राजमिस्त्री के घर में रहा। यहां पर कई बार उससे सोमबीर के बारे में पूछताछ की गई लेकिन उसने स्पष्ट नहीं बताया। राजमिस्त्री का कहना है कि कर्मबीर ने पहले कहा कि जिस जहाज में सोमबीर और कुलदीप आ रहे थे।
उसका तेल खत्म हो गया है। इस कारण तेल डालने के बाद जहाज देश में आ सकेगा। फिर आरोपी ने कहा कि जिस जहाज में सोमबीर आ रहा था वह रास्ते में डूब गया। इस कारण वह वापस नहीं आ सका। इसी तरह आरोपी ने कई साल तक सोमबीर के परिजनों को गुमराह किया।
इस पर कर्मबीर ने बताया कि वह कुछ दिन बाद आएंगे। मगर सात साल बीत जाने के बाद भी सोमबीर और कर्मबीर का कोई सुराग नहीं लगा। राजमिस्त्री ने आरोपी एजेंट युद्धवीर सिंह और कर्मबीर के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कर्मबीर करता रहा गुमराह
यमन से वापस आने के बाद करीब छह महीने तक आरोपी कर्मबीर राजमिस्त्री के घर में रहा। यहां पर कई बार उससे सोमबीर के बारे में पूछताछ की गई लेकिन उसने स्पष्ट नहीं बताया। राजमिस्त्री का कहना है कि कर्मबीर ने पहले कहा कि जिस जहाज में सोमबीर और कुलदीप आ रहे थे।
उसका तेल खत्म हो गया है। इस कारण तेल डालने के बाद जहाज देश में आ सकेगा। फिर आरोपी ने कहा कि जिस जहाज में सोमबीर आ रहा था वह रास्ते में डूब गया। इस कारण वह वापस नहीं आ सका। इसी तरह आरोपी ने कई साल तक सोमबीर के परिजनों को गुमराह किया।
रास्ते से लापता हो गया सोमबीर और उसका दोस्त
तनावग्रस्त लड़का
कर्मबीर से बात करने के बाद राजमिस्त्री ने एजेंट युद्धवीर सिंह से बात की। इस पर एजेंट ने बताया कि वह रुपये लेकर विदेश भेज देते हैं। इसके बाद उनकी कोई गारंटी नहीं होती। दबाव डालने के बाद एजेंट उन्हें मुंबई ले गया। यहां दूसरे एजेंट से मुलाकात करवाई। जो मुंबई से यमन भेजते थे। यहां यमन से मुंबई पहुंचे दो युवकों ने बताया कि सोमबीर और कुलदीप कर्मबीर दूसरे जहाज में सवार होकर भारत आ रहे थे। इसके बाद उनके बारे में कुछ नहीं पता चला।
मर्चेंट नेवी का लालच देकर बनाया गार्ड
राजमिस्त्री ने बताया कि उनकी बेटे सोमबीर से अंतिम बार 28 अगस्त 2011 में मोबाइल पर बात हुई थी। तब सोमबीर ने बताया कि था कि उसके साथ धोखा हुआ है। एजेंट ने मर्चेंट नेवी में नौकरी का लालच देकर यहां जहाजों की रखवाली के काम पर लगा दिया है। न तो खाना समय पर मिलता है और न ही आराम करने का समय मिलता है। इतना ही नहीं आरोपी कर्मबीर ने भी परिजनों को झांसे में लेने के लिए कई बार फर्जी तौर पर सोमबीर नाम के युवक से परिजनों की बात कराई।
मर्चेंट नेवी का लालच देकर बनाया गार्ड
राजमिस्त्री ने बताया कि उनकी बेटे सोमबीर से अंतिम बार 28 अगस्त 2011 में मोबाइल पर बात हुई थी। तब सोमबीर ने बताया कि था कि उसके साथ धोखा हुआ है। एजेंट ने मर्चेंट नेवी में नौकरी का लालच देकर यहां जहाजों की रखवाली के काम पर लगा दिया है। न तो खाना समय पर मिलता है और न ही आराम करने का समय मिलता है। इतना ही नहीं आरोपी कर्मबीर ने भी परिजनों को झांसे में लेने के लिए कई बार फर्जी तौर पर सोमबीर नाम के युवक से परिजनों की बात कराई।
रिश्तेदार बोला : हादसे में हो चुकी दोनों की मौत
फर्जी कॉल
- फोटो : demo pic
बेटे के वापस आने की राह देख रहे महासिंह ने सोमबीर के साथ गये कुलदीप के परिजनों से मामले को लेकर बात की। क्योंकि कुलदीप के परिजन भी काफी समय से उससे संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे। इस पर कुलदीप के परिजनों ने यमन में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के पास कॉल कर दोनों के बारे में बातचीत की। इस पर रिश्तेदारों ने कहा कि दोनों की हादसे में मौत हो चुकी है। इस बात को सुनकर परिजनों के होश उड़ गये।
पुलिस कार्रवाई से बचने को दिया मुआवजा दिलवाने का लालच
राजमिस्त्री का आरोप है कि अब कर्मबीर पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए यमन सरकार से मुआवजा दिलाने की बात कर रहा है। उसका कहना है कि यदि केस वापस ले लिया तो वह यमन सरकार से मुआवजा दिलवा देगा। ऐसा नहीं किया तो कुछ नहीं मिलेगा। राजमिस्त्री का कहना है कि सोमबीर के जाने के कारण उनके छोटे बेटे ओमबीर को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। अब वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता है।
मामला काफी दिनों से हाईकोर्ट में भी विचाराधीन था। हाईकोर्ट के आदेश के तहत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- एएसआई संजय कुमार, जांच अधिकारी
पुलिस कार्रवाई से बचने को दिया मुआवजा दिलवाने का लालच
राजमिस्त्री का आरोप है कि अब कर्मबीर पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए यमन सरकार से मुआवजा दिलाने की बात कर रहा है। उसका कहना है कि यदि केस वापस ले लिया तो वह यमन सरकार से मुआवजा दिलवा देगा। ऐसा नहीं किया तो कुछ नहीं मिलेगा। राजमिस्त्री का कहना है कि सोमबीर के जाने के कारण उनके छोटे बेटे ओमबीर को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। अब वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता है।
मामला काफी दिनों से हाईकोर्ट में भी विचाराधीन था। हाईकोर्ट के आदेश के तहत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- एएसआई संजय कुमार, जांच अधिकारी