फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Be Aware of Cyber Crime, Your Bank Account May Hack

फेसबुक फ्रेंड: युवतियों का चौंकाने वाला खुलासा

Tue, 10 Feb 2015 08:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 10 Feb 2015 08:15 AM IST
विज्ञापन
Be Aware of Cyber Crime, Your Bank Account May Hack

यूटी पुलिस सुरक्षा के मद्देनजर अत्याधुनिक तकनीक को विकसित करने में जुटी है, इसके बावजूद शहर में साइबर क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। इस साल जनवरी में ही साइबर क्राइम के करीब एक दर्जन केस दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी मामला सॉल्व नहीं हुआ।

विज्ञापन


एटीएम ठगी के मामले ज्यादा
साल 2015 के जनवरी में एक दर्जन मामलों में करीब आठ मामले एटीएम से ठगी के हैं। एटीएम से ठगी करने वाले आरोपियों ने आठ लोगों से खाते से करीब पांच लाख की ठगी की है। वे बैंक कमी के नाम पर फर्जी कॉल कर खाते की जानकारी जुटाते हैं और फिर अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं।
विज्ञापन

ऐसे होते हैं साइबर क्राइम

Be Aware of Cyber Crime, Your Bank Account May Hack

ई-मेल हैक कर और फर्जी वेबसाइट से
साइबर क्रिमिनल लोगों की ई-मेल हैक करके और फेक आईडी के सहारे लोगों ले ठगी करते हैं। इसलिए हमेशा किसी भी स्थिति में ई-मेल में अपने प्राइवेट डाटा को न रखें।

फेसबुक और व्ट्सएप पर जरा सावधान
लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए साइबर अपराधी फेसबुक और व्ट्सएप से फोटो चुराते हैं और बाद में उसे एडिट करके ब्लैकमेल करते हैं। इसलिए फेसबुक और व्टसएप पर अपनी ज्यादा जानकारी अपडेट न करें। साथ ही लड़कियां विशेष तौर पर अपनी फोटो अपलोड न करें।

कार्ड से पेमेंट में रखें सावधानी
साइबर अपराधियों के निशाने पर सबसे ज्यादा लोगों के एटीएम कार्ड, डेबिट और क्रेडिट कार्ड हैं। इसलिए कभी भी अपने कार्ड का नंबर किसी भी परिचित या अपरिचित को न बताएं। इसके साथ शॉपिंग पेमेंट करते समय एक हाथ से छिपाकर अपना कोड इंटर करें। साइबर अपराधी एटीएम कार्ड, क्रेडिट या डेबिट कार्ड स्वैप करने के स्थान पर एक अलग तरह की मशीन लगाकर आपका डाटा चुरा सकते हैं।

सोशल साइट पर दोस्ती, फिर ब्लैकमेलिंग
फेसबुक और व्ट्सएप पर दोस्ती करके भी ब्लैकमेल करने के मामले सामने आ रहे हैं। इसके जरिए दोस्ती आगे बढ़ने के बाद अपराधी ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं। इसी तरह का एक मामला साइबर सेल के पास आया था, जिसमें युवक और युवती की फेसबुक से दोस्ती होती है और बाद में स्काइप पर वीडियो चैटिंग तक बात पहुंचती जाती है। इसी दौरान युवती ही युवक की आपत्तिजनक फोटो सेव करके उसे ब्लैकमेल करने लगती है।

ज्यादातर लड़कियों की शिकायत में ब्यायफ्रेंड ही आरोपी

साइबर सेल विभाग के अनुसार, युवतियों द्वारा फेसबुक से जुड़ी ज्यादातर शिकायतों में आरोपी उसके ब्यायफ्रेंड ही रहे हैं।  इसके अलावा अन्य लोग भी इस मामले में आरोपी के रूप में सामने आए हैं। इसलिए कभी भी किसी लड़के या लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट बगैर जांच पड़ताल के स्वीकार न करें।

विदेशी अपराधी नहीं, देश में फैला है अपराधियों का गैंग
एटीएम, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड व बैंक के नाम से फेक कॉल पर ठगी करने वाले कंपनियों की जड़ अपने ही देश में है। हालांकि, विदेशी कॉल्स ने भी कई लोगों के अकाउंट साफ किए है, लेकिन उनका अलग नंबर देखकर अब लोग भी सतर्क होने लगे हैं। साइबर सेल विभाग के अनुसार, ज्यादातर शिकायतों में आरोपी भारत में ही ऐसे गिरोह का संचालन करते पकड़े गए हैं।

इस पर गौर कीजिए

कभी भी कोई बैंक फोन पर आपके अकाउंट की प्राइवेट जानकारी नहीं ले सकता है। अगर ऐसी कोई कॉल आती है तो आप अकाउंट की जानकारी कतई न दें और पुलिस व अपने बैंक को तुरंत इसकी शिकायत दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed