अकाउंट वेरिफिकेशन की कॉल आए तो अलर्ट रहें, 5 केस
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अगर आपको अकाउंट वेरिफिकेशन की कॉल आए तो अलर्ट रहें, नहीं तो आपके खाते से हेराफेरी हो सकती है। चंडीगढ़ में ऐसे एक दिन में 5 केस सामने आने से हड़कंप मच गया। बैंक का फर्जी कर्मचारी बनकर कॉल करके अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर पहले खाते की जानकारियां जुटाईं, फिर लाखों की हेराफेरी की। एक ही दिन में रविवार शाम तक पांच केस सामने आए, जिनमें ठगों ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये एटीएम के जरिए खातों से निकाल लिए।
केस-1
सेक्टर-40 डी निवासी जगदीश कुमारी ने शिकायत दी कि रविवार को अज्ञात व्यक्ति ने कॉल करके वेरिफिकेशन के नाम अकाउंट की जानकारी ली और कुछ देर बाद 1.50 लाख रुपये निकल गए। उन्होंने एसबीआई और ओबीसी दोनों बैंक अकाउंट का डिटेल्स बताया था।
केस-2
मौलीजागरां निवासी कृष्णा मूर्ति ने पुलिस को बताया कि वेरिफिकेशन के नाम पर अकाउंट की जानकारी लेकर किसी ने 73,333 रुपये निकाल लिए। अकाउंट से ठगी होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
केस-3
धनास निवासी जंग बहादुर ने पुलिस को बताया कि रविवार सुबह उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति का कॉल आई। उसने बैंक कर्मचारी के रूप में परिचय दिया और नए साल पर अकाउंट वेरिफिकेशन करने में सहयोग की बात कही। उसने कॉलर को अपने घर के दो सदस्यों की बैंक डिटेल्स दे दी। करीब दो घंटे के बाद दोनों के मोबाइल पर 54,260 रुपये ट्रांजेक्शन होने के एसएमएस आए। बैंक से जानकारी लेने के बाद उन्होंने सेक्टर-11 थाना पुलिस से शिकायत की।
केस-4
रामदरबार फेज वन निवासी संतोष कुमार ने भी शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने बैंक से कॉल करने की बात कहकर अकाउंट की जानकारी ली और बाद में 33,932 रुपये निकाल लिए। सेक्टर-31 थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
केस-5
सेक्टर-22 सी निवासी प्रह्लाद कुमार ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम को अकाउंट वेरिफिकेशन करने के नाम पर कॉल आई। शिकायतकर्ता के अनुसार, वेरिफिकेशन के आधे घंटे बाद उसके खाते से 27 हजार निकलने का एसएमएस आया। जब बैंक में जानकारी ली तो जवाब मिला कि एटीएम से पैसे निकले हैं, जबकि कार्ड उसके पास था। बहरहाल, सेक्टर-17 थाना पुलिस छानबीन कर रही है।
ऐसे होती है ठगी
ठग किसी को कॉल करके अकाउंट की जानकारी लेता है, उससे पहले वह एक मैग्नेटिक मशीन को संपर्क में जोड़ लेता है। इसी बातचीत के दौरान उसमें आपका सारा डाटा सेव हो जाता है। बाद में वह प्लास्टिक कार्ड (एटीएम कार्ड की तरह) का इस्तेमाल करके पैसा निकाल लेता है।
ऐसे बचें फर्जीवाड़े से
- कभी भी किसी प्रकार की कॉल बैंक के नाम पर आए तो किसी तरह की जानकारी न दे। आप अपने संबंधित बैंक में जाकर जानकारी ले सकते है।
-आप अपने मोबाइल नंबर, हाउस नंबर या वाहन नंबर को पासवर्ड के रूप में इस्तेमाल न करें।
- अगर हो सके तो पांच या छह ट्रांजेक्शन के बाद एटीएम कार्ड का पासवर्ड बदल दें।
- कोई भी बैंक फोन पर किसी तरह की वेरिफिकेशन नहीं करता है। जब भी बैंक को वेरिफिकेशन की जरूरत होगी तो वह आपका दस्तावेज बैंक में जमा करवाकर वेरिफिकेशन करता है।