फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Bayen is a story of paying and conquering superstition

अंधविश्वास की कीमत चुकाने और उस पर विजय पाने की कहानी है बांयेन

Sun, 23 Feb 2020 02:24 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 02:24 AM IST
विज्ञापन
Bayen is a story of paying and conquering superstition
चंडीगढ़। समाज के निचले तबके के लोग, श्मशानों के अंधकारों में रहने वाले डोम, गंगा नदी के तट पर रहने वाले बागड़ी, दुसाध और मांझी समुदाय, घने जंगलों में रहने वाले संथाल, ये सब मूल अधिकारों से वंचित हैं। इसी अंधकार और अंधविश्वास पर कटाक्ष करने वाली बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी की कहानी ‘बांयेन’ पर आधारित नाटक का शुक्रवार को मंचन किया गया।
विज्ञापन

चंडीगढ़ संस्कृति विभाग और टैगोर थिएटर सोसायटी की ओर से तीन दिवसीय नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा थिएटर फेस्टिवल का आगाज हुआ। पहले दिन निर्देशक ऊषा गांगुली द्वारा निर्देशित नाटक ‘बांयेन’ में दिखाया कि चंडी दासी काफी छोटी उम्र में ही मरे हुए जानवरों को दफनाने के काम में झोंक दी जाती है। अपने पूर्वजों के काम को करने की उसकी जिम्मेदारी का हवाला देकर उसे बेहद कष्टप्रद जीवन जीने को मजबूर किया जाता है। कालांतर में वो मलिंदर से विवाह करने का निर्णय लेती है जो सरकारी श्मशान में काम करता है और चंडी की जिम्मेदारी लेने को तैयार हो जाता है। लेकिन बाद में यही मलिंदर उसे एक ‘बांयेन’ (डायन) घोषित कर देता है। इसके बाद चंडी सामान्य जीवन जीने के अधिकार से भी वंचित हो जाती है। धीरे धीरे वो स्वयं मान लेती है कि ऐसा अमानवीय जीवन जीना ही उसकी नियति है। चंडी जिसे अंधविश्वास के नाम पर दर्दनाक कीमत चुकानी पड़ती है, वह न सिर्फ मातृत्व से हाथ धो बैठती है, बल्कि अपनी चेतना का बीज भी खो बैठती है। अंतत: उसका पुत्र युवा पीढ़ी में बदलाव के प्रतिनिधि के रूप में उभरकर आता है और आत्म सम्मान और गरिमा की लौ जलाने में सफल होता है।
विज्ञापन

नाटक में भूमिका अदा करने वाले कलाकार
नाटक में बोरनाली बोरहा, अपराजिता डे, अन्नपूर्णा सोनी, सम्पा मंडल, मेधा एच, श्रुति मिश्रा, तनीशा देशवाल, प्रतीक्षा जैन, शाहीन, आकांक्षा पाल, प्रियदर्शनी पूजा, दीप कुमार, राजीब कलिता, सिकंदर कुमार, यतेंद्र बहुगुणा, शाहनवाज खान, सिद्धेश्वर काशीनाथ थोराट, विपिन कुमार, राघवेंद्र प्रताप सिंह, धूताड़मल रवि बाबा साहेब, मोहनलाल सागर, महेंद्र सिंह पंवार और राजू रॉय कलाकार शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed