पापा से कहा - अगली बार आउंगा तो सेहरा जरूर बांधूंगा, तैयार रखना, पर... शहीद हो गए हैप्पी सिंह
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पापा से बोलकर गए, अगली बार आऊंगा तो सेहरा जरूर बांधूंगा आप तैयार रखना, लेकिन दुल्हन लाने से पहले ही पंजाब का एक और लाल शहीद गया है। एक सप्ताह के अंदर ये पंजाब से दूसरी शहादत है। शहीद हैप्पी सिंह पंजाब के बठिंडा के रहने वाले थे।
कश्मीर के अनंतनाग में गुरुवार को सेना के जवानों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद हुए बठिंडा के गांव रामनगर निवासी हैप्पी सिंह ने अपने पिता व भाभी से वादा किया था कि वह जब अगली बार छुट्टी आएंगे तो शादी कर लेंगे, लेकिन ईश्वर को कुछ ओर ही मंजूर था। हैप्पी आतंकियों से लड़ते हुए देश के लिए कुर्बान हो गए।
शहीद हैप्पी के परिवार में बुजुर्ग पिता देवराज सिंह, भाई बलजीत सिंह हैं। बलजीत सिंह सेना में हैं और लेह में तैनात हैं। इसके अलावा शहीद हैप्पी का एक और छोटा भाई गुरदित्ता सिंह है, जो गांव में पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता है। शहीद के परिवार को अभी तक गांव वालों ने बताया नहीं है और न ही किसी को शहीद के घर जाने दिया जा रहा।
11 सितंबर को छुट्टी से गए थे वापस
जैसे ही हैप्पी के शहीद होने की खबर गांव में पहुंची तो मातम छा गया और गांव के लोग देश के लिए शहीद हुए हैप्पी पर गर्व महसूस करने लगे। इसके अलावा जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी शहीद के गांव पहुंचे। गांव रामनगर निवासी जगसीर सिंह, जगमेल सिंह, गुरजंट सिंह ने बताया कि हैप्पी बचपन से ही सेना में जाना चाहता था। वह सेना में भर्ती होकर देश के लिए कुछ करने की बातें करता था।
चार वर्ष पहले मां की मौत के बाद पिता ने हैप्पी के भाई बलजीत सिंह व उसकी पत्नी को हैप्पी के लिए लड़की ढूंढने का जिम्मा सौंपा था। गांव वालों ने बताया कि हैप्पी इसी माह 11 सितंबर को छुट्टी से वापस गया था। जब हैप्पी छुट्टी पर आया तो पिता ने उसे शादी के लिए कहा। लेकिन हैप्पी ने अपने पिता व परिवार के अन्य सदस्यों से वादा किया कि जब वह अगली बार छुट्टी आएगा तो शादी करके ही जाएगा।