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Punjab: अग्निवीरों को ट्रेनिंग देते समय दिल का दौरा पड़ने से जवान का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
Thu, 29 Dec 2022 06:29 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 29 Dec 2022 06:29 PM IST
सार
शहीद जवान के पिता जगदेव सिंह बताते हैं कि जब बलकरण अपनी छुट्टी काटकर ड्यूटी पर जा रहा था तो उसने जाते समय अपनी पत्नी व बच्ची से जल्दी फिर से छुट्टी पर आने का वादा किया था लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह अब कभी वापस ही नहीं आएगा।
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जवान की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
महाराष्ट्र के अहमदनगर में अग्निवीरों को ट्रेनिंग देते वक्त पंजाब के बठिंडा के गांव चटठेवाला निवासी जवान बलकरण सिंह की दिल का दौरा पड़ने से बुधवार देर रात निधन हो गया। गुरुवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव चटठेवाला पहुंचा, जहां पर सैन्य सम्मान के साथ जवान को अंतिम विदाई दी और सेना की तरफ से जवान को शहीद करार दिया।
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जानकारी के अनुसार बलकरण सिंह (28) कुछ दिन पहले ही छुट्टी काटकर अपने गांव चटठेवाला से अहमदनगर महाराष्ट्र स्थित 19 आर्म्ड यूनिट में पहुंचे थे। वह अग्निवीरों को ट्रेनिंग देते थे। बुधवार को जब जवान अपने साथियों समेत अग्निवीरों को ट्रेनिंग दे रहे थे तो उन्हें दिल का दौरा पड़ गया, जिस कारण उनका निधन हो गया।
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जवान बलकरण सिंह के शहीद होने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची तो पूरे गांव में मातम छा गया। गुरुवार को मृतक का शव लेकर सेना अधिकारी गांव चटठेवाला पहुंचे, जहां पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ जवान को अंतिम विदाई दी गई। सैन्य अधिकारी सुंदर सिंह ने कहा कि देश के अग्निवीरों को ट्रेनिंग देते समय जवान शहीद हुआ है।
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नौ माह की बच्ची व पत्नी समेत बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए
जवान बलकरण सिंह अपने पीछे अपनी नौ माह की बच्ची, पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं। गांव वालों के अनुसार जवान बलकरण सिंह बडे़ अच्छे स्वभाव के थे और गांव में हर किसी के साथ मिलकर रहते थे। भोला सिंह ने कहा कि गांव को कभी पूरा न होने वाला घाटा हुआ है। उन्होंने मांग की है कि सरकार शहीद की विधवा पत्नी को सरकारी नौकरी दे। इसके अलावा शहीद के नाम पर मार्ग बनाया जाए।
शहीद जवान के पिता जगदेव सिंह बताते हैं कि जब बलकरण अपनी छुट्टी काटकर ड्यूटी पर जा रहा था तो उसने जाते समय अपनी पत्नी व बच्ची से जल्दी फिर से छुट्टी पर आने का वादा किया था लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह अब कभी वापस ही नहीं आएगा।