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पंजाब के स्थायी राज्यपाल बने बनवारी लाल पुरोहित, चंडीगढ़ के प्रशासक पर संशय
Fri, 10 Sep 2021 02:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़/नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 10 Sep 2021 02:10 AM IST
सार
राष्ट्रपति की तरफ से जारी आदेश में पुरोहित को यूटी प्रशासक बनाने का जिक्र नहीं है।
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बनवारी लाल पुरोहित
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरवार को बनवारी लाल पुरोहित को पंजाब का स्थायी राज्यपाल नियुक्त कर दिया है। हालांकि राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति में पुरोहित को चंडीगढ़ का प्रशासक बनाने का जिक्र नहीं है। इसके अलावा सेना के पूर्व उपाध्यक्ष और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया है।
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राष्ट्रपति भवन के अनुसार पूर्व आईपीएस अधिकारी व केंद्र के वार्ताकार रहे आरएन रवि को बतौर राज्यपाल नगालैंड से तमिलनाडु भेजा गया है। असम के राज्यपाल जगदीश मुखी को नगालैंड की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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पंजाब के पूर्व राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का कार्यकाल 22 अगस्त को खत्म हो गया था लेकिन वह 27 अगस्त तक सेवाएं देते रहे। 27 अगस्त की बनवारी लाल पुरोहित को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। अब उन्हें स्थायी तौर पर पंजाब का राज्यपाल बना दिया गया है।
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लेकिन चंडीगढ़ का प्रशासक कौन होगा, आदेश में इसका जिक्र नहीं है। कांग्रेस और भाजपा के स्थानीय नेता पिछले काफी समय से चंडीगढ़ के लिए अलग प्रशासक की मांग कर रहे हैं। पंजाब के नेताओं ने इसका विरोध किया था। जिस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा था कि ऐसी किसी मांग पर विचार नहीं किया जा रहा है।
वर्ष 2016 में भी अलग प्रशासक की हुई थी नियुक्ति: साल 2016 में केंद्र सरकार ने पूर्व आईएएस अधिकारी एवं भाजपा नेता केजे अल्फोंस को चंडीगढ़ का प्रशासक बना दिया था।
आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद उन्हें जिम्मेदारी संभालने की सूचना भी दे दी गई थी, लेकिन पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के विरोध के बाद उनकी नियुक्ति टल गई थी और वीपी सिंह बदनौर को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक के तौर पर जिम्मेदारी दी गई थी।