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पीयू में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में अब से बाहरी लोग यूनिवर्सिटी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी में बाहरी लोगों को सिर्फ गेट नंबर-1 और गेट नंबर-2 से ही अनुमति के साथ प्रवेश कर सकेंगे। प्रवेश के लिए लोगों को अपना ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी गेट पर जमा करवानी होगी। वहीं पैदल जाने वाले लोगों का भी किसी भी समय चंडीगढ़ पुलिस या पंजाब यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी आईडी कार्ड जांच कर सकती है और पीयू परिसर में आने के कारणों को लेकर पूछताछ कर सकती है।
पीयू सुरक्षा प्रमुख विक्रम सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ के एसएसपी ट्रैफिक एंड पुलिस के अधिकारियों की वीरवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी के साथ बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान पीयू में पिछले दिनों लड़कियों के साथ हुई छेड़छाड़ और बाहरी लोगों की तरफ से परिसर में हुड़दंग और लड़ाइयों को लेकर चर्चा की गई। इसके साथ ही पुलिस ने पंजाब और शहर के आसपास के इलाकों में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों और उनमें युवाओं के संलग्न को लेकर चिंता व्यक्त की। इसलिए पीयू में सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया। बाहरी लोगों की रोक को लेकर पीयू छात्र भी लंबे समय से मांग कर रहे थे। इसको लेकर एसएसपी ट्रैफिक और पीयू की ओर से शुक्रवार को निर्देश जारी किया गया है कि 20 जून से गेट नंबर तीन से किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। सिर्फ पीयू छात्र, शिक्षक और गैर शैक्षणिक स्टाफ आईडी कार्ड दिखाकर प्रवेश कर सकता है। वहीं गेट नंबर-1 और 2 से बाहरी लोगों को लाइसेंस या आरसी जमा करने के बाद अंदर आने की अनुमति मिलेगी।
छात्रों ने किया फैसले का स्वागत, बोले- प्रवेश पर नरमी बरती जाए
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है। इनसो के छात्र नेता परवेश ने बताया कि पिछले दिनों में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की कई शिकायतें आई हैं, इसलिए बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती सराहनीय कदम है। एबीवीपी के छात्र नेता अमित ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यह अच्छी पहल है। पीयू के छात्रों के प्रवेश पर नरमी बरती जाए, क्योंकि बहुत से छात्रों के पास आईडी कार्ड नहीं होता है। पहले पीयू सभी छात्रों को पास या आईकार्ड मुहैया करवाए। एनएसयूआई के राहुल ने बताया कि अगर छात्र के पास आईडी कार्ड नहीं है तो फीस स्लिप के आधार पर भी प्रवेश दिया जाए। एसएफएस के संदीप ने बताया कि यह पहल पीयू में नो व्हीकल जोन को बढ़ावा देगी जो कि अकादमिक दृष्टि से भी सराहनीय कदम है।
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पीयू सुरक्षा प्रमुख विक्रम सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ के एसएसपी ट्रैफिक एंड पुलिस के अधिकारियों की वीरवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी के साथ बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान पीयू में पिछले दिनों लड़कियों के साथ हुई छेड़छाड़ और बाहरी लोगों की तरफ से परिसर में हुड़दंग और लड़ाइयों को लेकर चर्चा की गई। इसके साथ ही पुलिस ने पंजाब और शहर के आसपास के इलाकों में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों और उनमें युवाओं के संलग्न को लेकर चिंता व्यक्त की। इसलिए पीयू में सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया। बाहरी लोगों की रोक को लेकर पीयू छात्र भी लंबे समय से मांग कर रहे थे। इसको लेकर एसएसपी ट्रैफिक और पीयू की ओर से शुक्रवार को निर्देश जारी किया गया है कि 20 जून से गेट नंबर तीन से किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। सिर्फ पीयू छात्र, शिक्षक और गैर शैक्षणिक स्टाफ आईडी कार्ड दिखाकर प्रवेश कर सकता है। वहीं गेट नंबर-1 और 2 से बाहरी लोगों को लाइसेंस या आरसी जमा करने के बाद अंदर आने की अनुमति मिलेगी।
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छात्रों ने किया फैसले का स्वागत, बोले- प्रवेश पर नरमी बरती जाए
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है। इनसो के छात्र नेता परवेश ने बताया कि पिछले दिनों में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की कई शिकायतें आई हैं, इसलिए बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती सराहनीय कदम है। एबीवीपी के छात्र नेता अमित ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यह अच्छी पहल है। पीयू के छात्रों के प्रवेश पर नरमी बरती जाए, क्योंकि बहुत से छात्रों के पास आईडी कार्ड नहीं होता है। पहले पीयू सभी छात्रों को पास या आईकार्ड मुहैया करवाए। एनएसयूआई के राहुल ने बताया कि अगर छात्र के पास आईडी कार्ड नहीं है तो फीस स्लिप के आधार पर भी प्रवेश दिया जाए। एसएफएस के संदीप ने बताया कि यह पहल पीयू में नो व्हीकल जोन को बढ़ावा देगी जो कि अकादमिक दृष्टि से भी सराहनीय कदम है।
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