चंडीगढ़: मार्च 2020 से ड्रंकन ड्राइव के नाकों पर रोक, शराबी चालकों पर शिकंजा कसने में ट्रैफिक पुलिस बेबस
साल 2020 में ओवरस्पीड के 33 हजार 641 लोगों के चालान किए। वर्ष 2021 में 29 नवंबर तक 58 हजार 595 लोगों के चालान किए गए।
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शराब पीकर सड़कों पर वाहन दौड़ाने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने में चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस बेबस है। हालत यह है कि शराबी शहर की सड़कों पर बेखौफ होकर वाहन दौड़ा रहे हैं और दूसरों की जान से खेल रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस के पास कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2020 में सड़क हादसे में जहां 46 लोगों ने जान गंवाई, वहीं वर्ष 2021 में मौत का आंकड़ा दोगुना होकर 86 पर पहुंच गया।
सड़क हादसों में मौतों का मुख्य कारण शराब पीकर वाहन दौड़ाना, ओवरस्पीड और रैश ड्राइविंग रहा। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मार्च 2020 से कोरोना के चलते ड्रंकन ड्राइव के नाकों पर रोक है। उससे पहले शराब पीकर वाहन चलाने वालों के चालान किए जाते थे। इससे लोगों में ट्रैफिक पुलिस का खौफ था, लेकिन अब लोग बेखौफ होकर सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे हैं। इनमें से कई ऐसे भी होते हैं, जो ड्रग्स का सेवन कर वाहन चलाते हैं। ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए पुलिसकर्मियों को कोई ट्रेनिंग भी नहीं मिली है। सड़क हादसों की रोकथाम के लिए यातायात पुलिस क्या कदम उठा रही है, इस संबंध में बात करने के लिए जब डीएसपी ट्रैफिक पलक गोयल को फोन किया गया तो उन्होंने न तो फोन उठाया और न मैसेज का जवाब दिया।
ओवरस्पीड के भी केवल दिन के समय होते हैं चालान
ट्रैफिक पुलिस की तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। हालांकि यह कार्रवाई सिर्फ दिन के समय ही की जाती है। वर्ष 2020 में ओवरस्पीड के 33 हजार 641 लोगों के चालान किए। वर्ष 2021 में 29 नवंबर तक 58 हजार 595 लोगों के चालान किए गए। दूसरी तरफ, खुले में शराब पीने वालों पर तो पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन ये कार्रवाई सिर्फ अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने वाली होती है। शहर में डिस्को, पब, ठेके और पार्कों में लोग रात के समय खुले में शराब पीते नजर आते हैं लेकिन पुलिस एक-दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती है। यह पुलिस के आंकड़े बयान कर रहे हैं।
केवल मेडिकल करवाना ही एक रास्ता
ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रात के समय विशेष नाके लगते हैं। अगर पुलिस को लगता है कि चालक ने शराब पी हुई है तो उसका मेडिकल करवाकर कार्रवाई की जाती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस थाना पुलिस को सूचना देती है और शराबी चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट 185 के तहत कार्रवाई की जाती है। उसे गिरफ्तार भी किया जाता है।
केस-1
8 जनवरी 2022 को देर रात शराब के नशे में गाड़ी चला रहे 19 साल के युवक ने सेक्टर-16 के चौक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी चौक पर चढ़ गई और चौक टूट गया। हादसे में कार सवार दो युवक और युवती गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह हादसा चंडीगढ़ के आईपीएस अधिकारियों के घर से चंद कदम दूरी पर हुआ। मेडिकल में चालक के शराब पीने पीने की पुष्टि हुई।
केस-2
3 जनवरी 2022 को देर रात सेक्टर-37/36 डिवाइडिंग चौक पर एक जीप चढ़ गई। पुलिस से बचने के लिए चालक व अंदर बैठे लोग गाड़ी को किसी तरह चौक से उतारकर फरार हो गए। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद पुलिस ने गाड़ी चालक को ढूंढा और थाने बुलाया। उसने पुलिस को बयान दिए कि साइकिल चालक को बचाते हुए यह हादसा हुआ और गलती से ब्रेक की जगह रेस पर पैर रख दिया। मौके पर पुलिस को सूचना न मिलने से उसका मेडिकल नही हो सका लेकिन चौक पर चढ़ी गाड़ी को देखकर माना जा रहा था कि चालक शराब के नशे में था।