{"_id":"5f3b95588ebc3e4adf3fac41","slug":"bail-petition-rejected-by-high-court-of-accused-of-fraud-with-400-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेश भेजने के नाम पर 400 लोगों को ठगने वाले की जमानत याचिका खारिज, 21 करोड़ का चूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेश भेजने के नाम पर 400 लोगों को ठगने वाले की जमानत याचिका खारिज, 21 करोड़ का चूना
Tue, 18 Aug 2020 02:16 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 18 Aug 2020 02:16 PM IST
विज्ञापन
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
विदेश भेजने के नाम पर 400 लोगों को करीब 21 करोड़ का चूना लगाने के आरोपी अरविंद को बड़ा झटका देते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उसकी नियमित जमानत की मांग से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। 31 मार्च 2017 को याचिकाकर्ता के खिलाफ चंडीगढ़ में पढ़ाई के लिए विदेश भेजने के नाम पर करीब 5 लाख की ठगी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी गई थी।
इस मामले में पुलिस ने आगे जांच की तो पाया गया कि ऐसी करीब 400 शिकायतें पुलिस को मिल चुकी हैं। इस मामले में तभी से ट्रायल जारी है। याचिकाकर्ता ने अब नियमित जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। पिछली सुनवाई पर याचिकाकर्ता ने वादा किया था कि वह एक निश्चित राशि का ड्राफ्ट शिकायतकर्ताओं को सौंप देगा और उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह लंबे समय से जेल में है और ट्रायल अभी बहुत लंबा चल सकता है ऐसे में वह जमानत का पात्र है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता उन्हें एक दो मामले में नहीं बल्कि करीब 400 मामलों में अपनी कंसलटेंसी कंपनी के माध्यम से लोगों को विदेश भेजने के नाम पर चूना लगाया है।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता से पूछा गया कि पिछली सुनवाई पर जो ड्राफ्ट देने का वादा किया गया था उसका क्या हुआ तो याचिकाकर्ता ने पैसा देने में असमर्थता जता दी। उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता बार-बार अपने बयान बदल रहा है और अपने किए गए वादों पर अटल नहीं है ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ ही उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता की नियमित जमानत की मांग को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस ने आगे जांच की तो पाया गया कि ऐसी करीब 400 शिकायतें पुलिस को मिल चुकी हैं। इस मामले में तभी से ट्रायल जारी है। याचिकाकर्ता ने अब नियमित जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। पिछली सुनवाई पर याचिकाकर्ता ने वादा किया था कि वह एक निश्चित राशि का ड्राफ्ट शिकायतकर्ताओं को सौंप देगा और उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह लंबे समय से जेल में है और ट्रायल अभी बहुत लंबा चल सकता है ऐसे में वह जमानत का पात्र है। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता उन्हें एक दो मामले में नहीं बल्कि करीब 400 मामलों में अपनी कंसलटेंसी कंपनी के माध्यम से लोगों को विदेश भेजने के नाम पर चूना लगाया है।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता से पूछा गया कि पिछली सुनवाई पर जो ड्राफ्ट देने का वादा किया गया था उसका क्या हुआ तो याचिकाकर्ता ने पैसा देने में असमर्थता जता दी। उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता बार-बार अपने बयान बदल रहा है और अपने किए गए वादों पर अटल नहीं है ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ ही उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता की नियमित जमानत की मांग को खारिज कर दिया।