{"_id":"66f4b7b1ff7b6d5365041514","slug":"bail-granted-to-woman-who-extorted-rs-3-lakh-from-elderly-nri-in-false-drug-case-chandigarh-news-c-16-pkl1043-525791-2024-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: बुजुर्ग एनआरआई को झूठे ड्रग केस फंसा 3 लाख की वसूली करने वाली महिला को जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: बुजुर्ग एनआरआई को झूठे ड्रग केस फंसा 3 लाख की वसूली करने वाली महिला को जमानत
विज्ञापन
चंडीगढ़। जिला अदालत ने एक बुजुर्ग एनआरआई को झूठे ड्रग केस में फंसा तीन लाख रुपये की वसूली करने के मामले में आरोपी महिला हरिंदर कौर को जमानत दे दी। जमानत पाने वाली महिला हरिंदर कौर पिछले छह साल से शिकायतकर्ता एनआरआई के घर पर रहती थी।
हरिंदर कौर एनआरआई की अच्छी मित्र थी, लेकिन उसी ने कांस्टेबल के साथ मिलकर पैसे ऐंठने की योजना बनाई। आरोपी महिला ने एक कांस्टेबल और अपनी महिला मित्र के साथ मिलकर एनआरआई की गाड़ी में खुद ही नशीला पदार्थ रखकर उससे सात लाख रुपये की वसूली करने की योजना बनाई थी। वही, इस मामले में पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल से 40 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
बीते अगस्त में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने बुजुर्ग एनआरआई जसपाल सिंह चीमा की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। वह अमेरिका से मई माह में भारत आया था। 18 जुलाई को शिकायतकर्ता महिला मित्र हरिंदर कौर (सह-आरोपी) के साथ सेक्टर-22 शॉपिंग के लिए आया था। यहां वापसी के वक्त रात लगभग 9:40 बजे यूटी पुलिस का कांस्टेबल बलविंदर (सह-आरोपी) पार्किंग में खड़ी उनकी कार के पास आया। उसने कहा कि कार की तलाशी लेनी है, सूचना है कि इसमें ड्रग है। आरोपियों ने कथित रूप से एक ब्लैक पॉलीथिन प्लांट कर दावा किया कि कार में ड्रग है। इसी दौरान एक सिविल में आया कांस्टेबल बलविंदर के माेबाइल से घटना की वीडियो बनाने लग पड़ा। शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे गए। हरिंदर कौर ने साजिशन रिया को मदद के लिए बुलाया और उसके साथ रिया का बहनोई करण सिंह(सह-आरोपी) भी पहुंच गया। डील 3 लाख रुपये में तय हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिंदर कौर एनआरआई की अच्छी मित्र थी, लेकिन उसी ने कांस्टेबल के साथ मिलकर पैसे ऐंठने की योजना बनाई। आरोपी महिला ने एक कांस्टेबल और अपनी महिला मित्र के साथ मिलकर एनआरआई की गाड़ी में खुद ही नशीला पदार्थ रखकर उससे सात लाख रुपये की वसूली करने की योजना बनाई थी। वही, इस मामले में पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल से 40 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
विज्ञापन
बीते अगस्त में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने बुजुर्ग एनआरआई जसपाल सिंह चीमा की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। वह अमेरिका से मई माह में भारत आया था। 18 जुलाई को शिकायतकर्ता महिला मित्र हरिंदर कौर (सह-आरोपी) के साथ सेक्टर-22 शॉपिंग के लिए आया था। यहां वापसी के वक्त रात लगभग 9:40 बजे यूटी पुलिस का कांस्टेबल बलविंदर (सह-आरोपी) पार्किंग में खड़ी उनकी कार के पास आया। उसने कहा कि कार की तलाशी लेनी है, सूचना है कि इसमें ड्रग है। आरोपियों ने कथित रूप से एक ब्लैक पॉलीथिन प्लांट कर दावा किया कि कार में ड्रग है। इसी दौरान एक सिविल में आया कांस्टेबल बलविंदर के माेबाइल से घटना की वीडियो बनाने लग पड़ा। शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे गए। हरिंदर कौर ने साजिशन रिया को मदद के लिए बुलाया और उसके साथ रिया का बहनोई करण सिंह(सह-आरोपी) भी पहुंच गया। डील 3 लाख रुपये में तय हुई थी।
विज्ञापन