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Highcourt: पाकिस्तान को संवेदनशील सूचनाएं भेजने के आरोपी फौजी को जमानत, सबूत ही पेश नहीं कर पाई हरियाणा पुलिस

Sat, 06 Jul 2024 10:51 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 06 Jul 2024 10:51 AM IST
सार

पुलिस ने आरोपी फौजी को नारायणगढ़ से गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह पाकिस्तान को खुफिया सूचनाएं भेजता था जिसके बदले में उसे पैसे मिलते थे। फौजी के दोनों फोन 2021 में एफएसएल को भेजे गए थे जिसका डाटा मई 2024 में निकाला गया। हाईकोर्ट ने जांच पर सवाल उठाते हुए आरोपी को नियमित जमानत दे दी।

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Bail granted to soldier accused of sending sensitive information to Pakistan by Highcourt
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पाकिस्तान को संवेदनशील गुप्त सूचनाएं पहुंचाने के आरोपी फौजी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने हरियाणा पुलिस की खराब जांच व याची की ढाई साल से अधिक की लंबी हिरासत को आधार बनाते हुए उसे जमानत दी। 
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हरियाणा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अंबाला के नारायणगढ़ से 14 अक्तूबर 2021 को एफआईआर दर्ज कर याची को गिरफ्तार किया था। याची के पास से दो मोबाइल बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया था। पुलिस के अनुसार याची पाकिस्तान को संवेदनशील सूचनाएं पहुंचाता था और इसके बदले पैसा उसके पिता के खाते में जमा होता था। 
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इस मामले में नियमित जमानत की मांग को लेकर याची ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। याची ने दलील दी थी कि उसके मोबाइल में ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली जिससे यह साबित होता हो कि वह पाकिस्तान से किसी भी तरह से जुड़ा था। इसके साथ ही जिसने उसके पिता के खाते में पैसे जमा करवाए थे उसका पाकिस्तान से कोई संबंध पुलिस साबित नहीं कर सकी है। 
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याची ने कहा कि उसके पिता के खाते में केवल 15 हजार जमा करवाए गए थे जो पुलिस की कहानी को झूठा साबित करता है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पुलिस याची के खिलाफ कोई भी सबूत पेश करने में नाकाम रही है। मोबाइल 2021 में फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए थे और जांच मई 2024 में आरंभ की गई। इस देरी का भी कोई स्पष्टीकरण मौजूद नहीं है। ऐसे में जांच में खामी और याची की ढाई साल से अधिक की लंबी हिरासत को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने याची को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
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