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पंजाबः भूलों की माफी मांगने श्री दरबार साहिब पहुंचा बादल परिवार

Sun, 09 Dec 2018 10:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर( पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर( पंजाब) Updated Sun, 09 Dec 2018 10:29 AM IST
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Badal family and akali leaders reached at shri Darbar Sahib
प्रकाश सिंह बादल - फोटो : फाइल फोटो

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर अपने अकाली लीडरशिप के साथ गुरु की शरण में पहुंचे। श्री अकाल तख्त साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह में बादल परिवार और अकाली लीडरशिप ने जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए अरदास की।

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अकाली दल 14 दिसंबर को अपनी स्थापना के 99वीं वर्षगांठ मनाएगा। अकाली दल के अस्तित्व और अपने परिवार के राजनीतिक आधार को बचाए रखने के लिए बादल परिवार ने गुरु की शरण में आने का निर्णय लिया। प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल सहित कई अकाली लीडर जोड़ा घर पहुंचे और आम श्रद्धालुओं की तरह वहां फर्श पर बैठ कर संगत के जोड़े साफ किए। 
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बड़े बादल फर्श पर नहीं बैठ सकते, इसलिए उन्होंने एक स्टूल पर बैठकर सेवा निभाई। श्री गुरु रामदास लंगर हॉल में झूठे बर्तनों की सेवा की। हरसिमरत कौर के साथ एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने भी लंगर घर में प्रशादा तैयार किया, पवित्र परिक्रमा में सेवा निभाई और गुरबाणी श्रवण की।
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सुखबीर बादल अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार खुली दारी का प्रकाश कर सेवा में शामिल हुए। बिक्रम सिंह मजीठिया भी खुली दारी में सेवा में शामिल हुए। लगभग चार घंटे की सेवा के बाद बादल परिवार ने अकाली लीडरशिप और हजारों वर्कर्स के साथ लंगर छका। इससे पहले प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल, हरसिमरत कौर बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया और कई अकाली लीडर्स ने गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह में श्री अखंड पाठ शुरू किया।

पाठ के भोग 10 दिसंबर को डाले जाएंगे। श्री अखंड पाठ की अरदास में अरदासी सिंह ने बादल सरकार द्वारा जाने-अनजाने में हुई गलतियों की अरदास की। इसके बाद बादल परिवार होटल चला गया। दो घंटे के विश्राम के बाद बादल परिवार ने शाम को भी गुरु घर में सेवा निभाई। कई अकाली नेता शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी की सराय में विश्राम के लिए गए। 

एक श्रद्धालु की तरह की सेवा
प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल ने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के लिए आने वाली संगत के जोड़े हाथों में लेकर उनकी पॉलिश की। संगत के जोड़ों को कपड़े से साफ किया। यह सेवा लगभग एक घंटे से अधिक समय तक चली। बादल के साथ उनके मीडिया सलाहकार रहे हरचरण सिंह बैंस भी थे। एसजीपीसी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने भी सेवा निभाई।

 विरोधियों ने तो गुरु साहिबान नहीं बख्शे
इस दौरान प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि तीन दिन अकाली लीडरशिप गुरुघर में सेवा निभाएगी। यह समय राजनीति का नहीं है। 10 दिसंबर को वह मीडिया से बातचीत करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि विरोधी इस सेवा को ड्रामा बता रहे हैं, तो बादल ने कहा कि विरोधियों ने गुरु साहिबान को भी नहीं बख्शा था, मैं क्या चीज हूं। नौ दिसंबर को जन्म दिन होने के बारे में बादल ने कहा कि जन्मदिन आते रहते हैं, आज वह सेवा के लिए आए हैं।

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