13 साल के बाद नागपंचमी पर बेहद दुर्लभ संयोग
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इस वर्ष नागपंचमी पर 13 वर्षो के बाद दुलर्भ संयोग बन रहा है। नागपंचमी 19 अगस्त (बुधवार) को है। सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्रा का कहना है कि नागपंचमी के दिन सूर्य और वृहस्पति सिंह राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में होंगे।
ऐसा संयोग 13 वर्षों के बाद आ रहा है। यह संयोग सुख शांति और समृद्धि प्रदान करने वाला है। उन्होंने बताया कि नागपंचमी के दिन भगवान शिव के विधिवत पूजन से हर प्रकार का लाभ प्राप्त होता है।
विधिवत शिव पूजा करने से मिलेगा लाभ
मिश्र के अनुसार जिसकी कुंडली में काल सर्प दोष के कारण जीवन में अनके प्रकार की परेशानियां आती हों, नौकरी और व्यापार में रुकावट हो, राहु के महादशा में केतु का अंतरदशा और केतु के महादशा में राहु की अंतरदशा हो, इसके कारण दुर्घटना, पति- पत्नी में वियोग हो तो बुधवार को राहु काल में शिव की आराधना करनी चाहिए।
सेक्टर-15 के जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र का कहना है कि ऐसा संयोग बार- बार नहीं आता। ऐसा संयोग भक्तों के लिए वरदान के समान है।
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे, सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि नागपंचमी के दिन तीन धातुओं से बना नाग- नागिन भगवान शिव पर चढ़ाकर पूजन करना शुभ रहेगा।