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Chandigarh News: आउटसोर्स जेई को वित्तीय पावर, सीवीसी गाइडलाइन पर ऑडिट की आपत्ति
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निगम में 12 आउटसोर्स और 13 कॉन्ट्रैक्चुअल जेई; 10 पब्लिक हेल्थ में तैनात, मैनपावर की नियुक्ति और अधिकार देने पर उठे सवाल
सीवीसी गाइडलाइन के विपरीत मैनपावर तैनाती का आरोप, 12 आउटसोर्स और 13 कॉन्ट्रैक्चुअल जेई में 10 पब्लिक हेल्थ में
चंडीगढ़। नगर निगम के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की तैनाती और नियमित भर्ती व्यवस्था को लेकर ऑडिट ने गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक निगम ने सीवीसी की गाइडलाइंस के विपरीत आउटसोर्स स्टाफ की नियुक्ति की। इसके अलावा स्वीकृत पदों के विरुद्ध आउटसोर्स आधार पर मैनपावर तैनात किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
ऑडिट के अनुसार निगम में 12 जेई आउटसोर्स और 13 जेई कॉन्ट्रैक्चुअल आधार पर कार्यरत हैं। इनमें 10 जेई पब्लिक हेल्थ विभाग में तैनात हैं। इन कर्मचारियों को वित्तीय शक्तियां दिए जाने को भी ऑडिट ने सीवीसी गाइडलाइन के विपरीत बताया है।
तीन साल से एक ही जगह तैनाती
ऑडिट की अहम आपत्ति यह है कि निगम के विभिन्न विभागों में 65 कॉन्ट्रैक्चुअल और 28 आउटसोर्स कर्मचारी तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह काम कर रहे हैं। इनमें जेई, क्लर्क, अकाउंटेंट, सेनिटरी इंस्पेक्टर और सुपरवाइजर जैसे पद शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि संवेदनशील पदों पर लंबे समय तक एक ही कर्मचारी की तैनाती और रोटेशन पॉलिसी लागू नहीं होने से निगम की आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था कमजोर होती है। इसलिए पोस्टिंग और ट्रांसफर नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत बताई गई है।
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खाली पद न भरे, न खत्म किए
ऑडिट के मुताबिक निगम में लंबे समय से कई स्वीकृत पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और न ही इन पदों को समाप्त किया गया। इसके बजाय कर्मचारियों की जरूरत कॉन्ट्रैक्चुअल और आउटसोर्स मैनपावर से पूरी की जाती रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अस्थायी व्यवस्था लंबे समय तक चलती रही और नियमित भर्ती प्रक्रिया लंबित रही। ऑडिट ने इस व्यवस्था को नियमों, सीवीसी गाइडलाइंस और विभागीय नियंत्रण प्रणाली के लिहाज से जांच का विषय माना है।
रेगुलर भर्ती का एजेंडा पास, फिर भी मामला उच्च अधिकारियों तक
नगर निगम हाउस पहले ही रेगुलर भर्ती और कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों के रेगुलराइजेशन से संबंधित एजेंडा पास कर चुका है। इसके बावजूद ऑडिट ने कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों के मामले को उचित कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने की सिफारिश की है।
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सीवीसी गाइडलाइन के विपरीत मैनपावर तैनाती का आरोप, 12 आउटसोर्स और 13 कॉन्ट्रैक्चुअल जेई में 10 पब्लिक हेल्थ में
चंडीगढ़। नगर निगम के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की तैनाती और नियमित भर्ती व्यवस्था को लेकर ऑडिट ने गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक निगम ने सीवीसी की गाइडलाइंस के विपरीत आउटसोर्स स्टाफ की नियुक्ति की। इसके अलावा स्वीकृत पदों के विरुद्ध आउटसोर्स आधार पर मैनपावर तैनात किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
ऑडिट के अनुसार निगम में 12 जेई आउटसोर्स और 13 जेई कॉन्ट्रैक्चुअल आधार पर कार्यरत हैं। इनमें 10 जेई पब्लिक हेल्थ विभाग में तैनात हैं। इन कर्मचारियों को वित्तीय शक्तियां दिए जाने को भी ऑडिट ने सीवीसी गाइडलाइन के विपरीत बताया है।
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तीन साल से एक ही जगह तैनाती
ऑडिट की अहम आपत्ति यह है कि निगम के विभिन्न विभागों में 65 कॉन्ट्रैक्चुअल और 28 आउटसोर्स कर्मचारी तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह काम कर रहे हैं। इनमें जेई, क्लर्क, अकाउंटेंट, सेनिटरी इंस्पेक्टर और सुपरवाइजर जैसे पद शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि संवेदनशील पदों पर लंबे समय तक एक ही कर्मचारी की तैनाती और रोटेशन पॉलिसी लागू नहीं होने से निगम की आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था कमजोर होती है। इसलिए पोस्टिंग और ट्रांसफर नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत बताई गई है।
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खाली पद न भरे, न खत्म किए
ऑडिट के मुताबिक निगम में लंबे समय से कई स्वीकृत पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और न ही इन पदों को समाप्त किया गया। इसके बजाय कर्मचारियों की जरूरत कॉन्ट्रैक्चुअल और आउटसोर्स मैनपावर से पूरी की जाती रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अस्थायी व्यवस्था लंबे समय तक चलती रही और नियमित भर्ती प्रक्रिया लंबित रही। ऑडिट ने इस व्यवस्था को नियमों, सीवीसी गाइडलाइंस और विभागीय नियंत्रण प्रणाली के लिहाज से जांच का विषय माना है।
रेगुलर भर्ती का एजेंडा पास, फिर भी मामला उच्च अधिकारियों तक
नगर निगम हाउस पहले ही रेगुलर भर्ती और कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों के रेगुलराइजेशन से संबंधित एजेंडा पास कर चुका है। इसके बावजूद ऑडिट ने कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों के मामले को उचित कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने की सिफारिश की है।