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जानिए वीआईपी नंबरों के लिए कितनी लगी बोली
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 12 Jan 2014 01:20 AM IST
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वीआईपी नंबरों की खुली नीलामी के पहले दिन सभी 100 नंबर नीलाम हो गए। पिछली सीरीज सीएच-01-एवी का 0001 नंबर 7.01 लाख में बिका था, लेकिन बाद में नीलामी में नंबर लेने वाले गगनदीप सिंह ने इसे सरेंडर कर दिया था और इस नंबर की दोबारा नीलामी हुई थी।
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एमबीए के स्टूडेंट गुरसेवक सिंह ने अपनी नई फॉरच्यूनर के लिए 0001 नंबर सात लाख रुपये में खरीदा।
शनिवार को सेक्टर-17 स्थित रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) कार्यालय में सीएच-01-एडब्लू सीरीज के वीआईपी नंबरों की खुली बोली के दौरान उसने सात लाख तक की बोली लगा दी।
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सेक्टर-41 निवासी सिंह लांडरां (मोहाली) स्थित चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कालेजिस से एमबीए कर रहा है। उसके पिता का बठिंडा में खेतीबाड़ी का काम हैं।
गुरसेवक सिंह ने कहा कि वह घर से सोच कर आया था कि इस नंबर के लिए दस लाख तक की बोली लगा देगा। उसके पास चार लग्जरी गाड़ियां हैं, जिन पर 0007 नंबर है, लेकिन इनमें से किसी गाड़ी पर चंडीगढ़ का नंबर नहीं था। इसलिए उसने अपनी 24.5 लाख की नई फॉरच्यूनर के लिए चंडीगढ़ का 0001 नंबर लेने में सात लाख की बोली लगाई। उसने बताया कि फिलहाल उसकी नई गाड़ी बठिंडा में है।
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इसके बाद 0002 और 0003 नंबर 2-2 लाख में नीलाम हुए। 0002 नंबर राजेंद्र सिंह की तरफ से गुरप्रीत सिंह ने रेंज रोवर और 0003 नंबर जसपाल मान ने नई मर्सडीज कार के लिए लिया।
सबसे लंबी बोली 0009 नंबर के लिए चली। यह नंबर 3.5 लाख रुपये में एजी शेयर एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड ने लिया। नीलामी में इस बार एक महिला आवेदन ने भी बिड लगाई और वह सफल रहीं। जगदीप कौर ने 0010 नंबर 1.27 लाख रुपये में खरीदा।
आरएलए की ओर से दूसरी बार वीआईपी नंबरों को ओपन ऑक्शन कराई गई थी। आरएलए कशिश मित्तल की देखरेख में हुई ओपन ऑक्शन के लिए इस बार आवेदकों को रिजर्व प्राइस कैश में जमा कराने को कहा गया था।
असफल आवेदकों को मौके पर ही पैसे वापस कर दिए गए। नीलामी के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था दी। दलालों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगाई गई थी।
जब लोगों की हंसी छूट गई
वीआईपी नंबरों की नीलामी के दौरान कुछ पल ऐसे भी आए जब लोगों की हंसी छूट गई। 0003 नंबर के लिए नीलामी चल रही थी और आवेदन एक एक हजार करके राशि को बढ़ा रहे थे।
हालांकि आरएलए कशिश मित्तल लोगों से बड़े अमाउंट में बिड लगाने को कह रहे थे। इसी बीच जसपाल सिंह खड़े हुए और उन्होंने सीधा दो लाख रुपये की बिड लगा दी। इस पर सभी हंस पड़े।
हालांकि बाद में जसपाल सिंह ने कुछ और नंबरों के लिए भी बिड लगाई। वे खड़े होकर आवेदकों को जब चैलेंज दे रहे थे तो पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोका। मान ने 0003 नंबर मर्सडीज के लिए और 0011 नंबर टैवेरा के लिए दो लाख रुपये में खरीदा।
ये रही नंबरों की नीलामी
सीएच-01-एडब्लू-0001--7, 00, 000
सीएच-01-एडब्लू-0002-- 2, 00, 000
सीएच-01-एडब्लू-0003---2, 00, 000
सीएच-01-एडब्लू-0004---1, 26, 000
सीएच-01-एडब्लू-0005---1, 95, 000
सीएच-01-एडब्लू-0006---1,02,000
सीएच-01-एडल्बू--0007--2, 30, 000
सीएच-01-एडब्लू-0008---1, 10, 000
सीएच-01-एडब्लू-0009---3, 50, 000
सीएच-01-एडब्लू-0010---1, 27, 000