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Chandigarh News: नाटक पंचलाइट से अशिक्षा पर किया प्रहार

Mon, 26 Dec 2022 08:30 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 26 Dec 2022 08:30 AM IST
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Attack on illiteracy with the play Punchlight
नाटक का मंचन करते कलाकार। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। हमारी झोपड़िया में ब्याह होगा और हम दूर नदी किनारे हनीमून मना लेंगे। बस एक महीना इंतजार और... यह संवाद गोधन अपनी प्रेमिका मुनरी से करता है। इसके जबाव में मुनरी कहती है कि न गोधन हमका जाने दे। अगर अम्मा जान गई तो हमारी टांगे तोड़ देगी। फिर हमारा मिलना जुलना हमेशा के लिए बंद। सेक्टर 18 के टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में दर्शक नाटक पंचलाइट देख मायूस हो जाते हैं और तालियों से कलाकारों के बेहतर अभिनय का स्वागत करते हैं। प्रेम कहानी के जरिये नाटक में अशिक्षा पर प्रहार किया जाता है।
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नाटक में बिहार के एक छोटे से गांव की कहानी को दिखाया गया है। उस समय गांव में बिजली नहीं होती थी। गांव के अमीर लोगों की टोली के पास खुद की खरीदी हुई पंचलाइट थी लेकिन महतो टोली के लोगों ने भी दंड और जुर्माने के पैसे इकट्ठे कर पंचलाइट खरीद ली। जब शहर से पंचलाइट गांव में आती है तो खूब खुशियां मनाई जाती हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि गांव के किसी भी व्यक्ति को पंचलाइट जलानी नहीं आती लेकिन गांव का एक आवारा लड़का गोधन जो पढ़ा लिखा है। उसे ही पंचलाइट जलानी आती है। गोधन गांव की ही लड़की मुनरी से प्यार करता है लेकिन मुनरी से प्यार करने वाले कल्लू को ये अच्छा नहीं लगता और वह मुनरी की अम्मा को सब बता देता है।
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मुनरी की अम्मा पंचायत बुला लेती है। पंचायत में फैसले के मुताबिक गोधन और मुनरी का मिलना बंद हो जाता है लेकिन पंचलाइट आने पर मुनरी सबको बताती है कि गोधन को पंचलाइट जलानी आती है। सरपंच गोधन को बुलवाकर पंचलाइट जलाने के लिए कहता है लेकिन गोधन शर्त रखता है कि यदि मुनरी से उसका ब्याह करवाया जाए तभी वह पंचलाइट जलाएगा। पंचायत उसकी बात मान लेती है और गोधन का मुनरी से ब्याह करवाने का वादा करती है। तब गोधन पंचलाइट जला देता है और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ पड़ती है।
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18 कलाकारों ने निभाई भूमिका
न्यू उत्थान थिएटर ग्रुप कुरुक्षेत्र के कलाकारों ने परंपरा आर्ट्स की ओर से आयोजित सात दिवसीय नाट्य उत्सव के पहले दिन खूब प्रशंसा बटोरी। यह नाटक फणीश्वर नाथ रेणु की लिखी कहानी पंचलाइट का नाट्य रुपांतरण है। विकास शर्मा ने बताया कि 55 मिनट के नाटक में 18 कलाकारों ने अपनी भूमिका निभाई है। इसमें राजीव कुमार, मनु महक माल्यान, गौरव दीपक जांगड़ा, निकिता कौशिक, शिव कुमार, ज्योति कोकुड़ा, पारुल कौशिक, तुषार कुमार, साहिल रसीद खान, चंचल शर्मा, आकाश दीप, जैकी शर्मा, चमन चौहान, गोविंदा सरोहा, अनुप कुमार, मनीष डोगरा, साजन कालड़ा ने भूमिका निभाई।
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