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हनीप्रीत के पूर्व पति विश्वास गुप्ता पर हमले की खबर, पर सच तो कुछ और निकला
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
Updated Mon, 25 Sep 2017 09:04 AM IST
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राम रहीम और हनीप्रीत के रिश्ते
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राम रहीम और हनीप्रीत के रिश्ते का पर्दाफाश करने वाले विश्वास गुप्ता पर हमले की खबर आई, लेकिन जांच पड़ताल में इसका सच तो कुछ और ही निकला। हनीप्रीत के पूर्व पति विश्वास गुप्ता आगे कुआं पीछे खाई जैसी हालत में पहुंच चुके हैं। अंबाला-कुरुक्षेत्र नेशनल हाईवे पर हनीप्रीत के पूर्व पति विश्वास गुप्ता के साथ जो घटित हुआ उसके बारे में वे खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
अमर उजाला से बातचीत में विश्वास गुप्ता ने पहले तो इस बात से साफ इनकार कर दिया कि उनके साथ शुक्रवार को कुछ नहीं हुआ। इसके बाद उनसे हमले के समाचार न्यूज चैनलों पर दिखाने के बारे में पूछा गया तो वे छूटते ही बोले मैं कह रहा हूं कि जब मेरे ऊपर कोई हमला नहीं हुआ तो नहीं हुआ। विश्वास गुप्ता इसके बाद बोले मेरे ऊपर हमला हुआ है तो मैं ही बताऊंगा ना...।
उन्होंने कहा कि टीवी वाले तो मुझे बहुत कुछ कह रहे हैं, उनका तो मैं कुछ नहीं कर सकता और डेरा भी बहुत कुछ बोल रहा है। मैं जानता हूं मेरे साथ क्या बीत रही है, आप बस मेरा विश्वास कीजिए। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि वो दो वर्दी वाले कौन थे, जिन्होंने आपको शाहाबाद के निकट रोका था। इसके बाद विश्वास फूट पड़े और उन्होंने जो बताया उससे साफ हुआ कि जीटीरोड पर कुछ ऐसा जरूर हुआ, जिसको वे छुपा रहे थे।
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अमर उजाला से बातचीत में विश्वास गुप्ता ने पहले तो इस बात से साफ इनकार कर दिया कि उनके साथ शुक्रवार को कुछ नहीं हुआ। इसके बाद उनसे हमले के समाचार न्यूज चैनलों पर दिखाने के बारे में पूछा गया तो वे छूटते ही बोले मैं कह रहा हूं कि जब मेरे ऊपर कोई हमला नहीं हुआ तो नहीं हुआ। विश्वास गुप्ता इसके बाद बोले मेरे ऊपर हमला हुआ है तो मैं ही बताऊंगा ना...।
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उन्होंने कहा कि टीवी वाले तो मुझे बहुत कुछ कह रहे हैं, उनका तो मैं कुछ नहीं कर सकता और डेरा भी बहुत कुछ बोल रहा है। मैं जानता हूं मेरे साथ क्या बीत रही है, आप बस मेरा विश्वास कीजिए। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि वो दो वर्दी वाले कौन थे, जिन्होंने आपको शाहाबाद के निकट रोका था। इसके बाद विश्वास फूट पड़े और उन्होंने जो बताया उससे साफ हुआ कि जीटीरोड पर कुछ ऐसा जरूर हुआ, जिसको वे छुपा रहे थे।
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शाहाबाद पुलिस को कोई लिखित शिकायत भी नहीं दी
विश्वास गुप्ता
- फोटो : ani
इसी वजह से विश्वास गुप्ता ने शुक्रवार शाम करीब सात बजे के घटनाक्रम को लेकर शाहाबाद पुलिस को कोई लिखित शिकायत भी नहीं दी। इसकी पुष्टि शाहाबाद थाना के एसएचओ ने भी की। बावजूद इसके वो क्या हुआ, शाहाबाद के निकट जीटी रोड पर वो क्या हुआ, जिसके कारण विश्वास गुप्ता पर हमले की बात बाहर आई?
इसके विषय में विश्वास गुप्ता ने बताया कि किसी को गलत फहमी हुई थी उन्होंने रास्ते में रोका और फिर वे चले गये। पता चला है कि विश्वास गुप्ता ने शुक्रवार शाम को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस के बाद वे गंतव्य के लिए रवाना हुए थे। इस दौरान कार में उनके पीडब्ल्यूडी के सुप्रीडेंट इंजीनियर पिता महेंद्र गुप्ता, सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ थे।
बताया गया है कि चंडीगढ़ से वापसी में इनकी कार को सबसे पहले जीरकपुर के निकट रोकने का प्रयास किया गया। इसके बाद जीटी रोड पर पंजाब दप्पर के निकट टोल प्लाजा के समीप भी इनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश हुई। यहां से इन्होंने पुलिस के एक उच्चाधिकारी को फोन लगाया, जिसके बाद रोकने वाले छूमंतर हो गये। रोकने वाले केशधारी और दो अन्य युवक थे।
इसके विषय में विश्वास गुप्ता ने बताया कि किसी को गलत फहमी हुई थी उन्होंने रास्ते में रोका और फिर वे चले गये। पता चला है कि विश्वास गुप्ता ने शुक्रवार शाम को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस के बाद वे गंतव्य के लिए रवाना हुए थे। इस दौरान कार में उनके पीडब्ल्यूडी के सुप्रीडेंट इंजीनियर पिता महेंद्र गुप्ता, सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ थे।
बताया गया है कि चंडीगढ़ से वापसी में इनकी कार को सबसे पहले जीरकपुर के निकट रोकने का प्रयास किया गया। इसके बाद जीटी रोड पर पंजाब दप्पर के निकट टोल प्लाजा के समीप भी इनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश हुई। यहां से इन्होंने पुलिस के एक उच्चाधिकारी को फोन लगाया, जिसके बाद रोकने वाले छूमंतर हो गये। रोकने वाले केशधारी और दो अन्य युवक थे।
मिस कम्यूनिकेशन या कुछ और....
विश्वास गुप्ता
- फोटो : ani
अंबाला क्रास करने के बाद विश्वास गुप्ता को लगा कि खतरा टल गया है। लिहाजा वे शाहाबाद के निकट जीटीरोड पर कही फ्रेश होने के लिये रुकना चाहते थे, लेकिन इसी बीच एक गाड़ी ने उन्हें रोका, इसमें से उतरे दो लोग वर्दी में थे और दो सिविल ड्रेस में। इन्होंने विश्वास गुप्ता की कार की चाबी निकाल ली इसके बाद कुछ कहासुनी और हाथापाई भी हुई।
पता ये भी चला है कि किसी पर हाथ भी छोड़ गया था। यहां बता दें कि अमर उजाला से बातचीत के दौरान विश्वास गुप्ता जहां पहले कुछ भी ना होने की बात से इंकार कर रहे थे, जब उपरोक्त पूरा घटनाक्रम बताया गया तो उन्होंने बाद में इस बारे में स्वीकार करते हुए कहा कि यह सब मिस कम्यूनिकेशन कारण हुआ।
आईजी ला एंड आर्डर की प्रतिक्रिया
आईजी ला एंड आर्डर एएस चावला से ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है, ना ही शुक्रवार को विश्वास गुप्ता या उनके परिवार के किसी सदस्य ने उन्हें फोन पर कोई जानकारी दी थी। उन्होंने यह जरूर बताया कि 22 सितंबर नहीं, बल्कि इससे कुछ दिन पहले विश्वास गुप्ता और उनके पिता उनसे मिलने आये थे और डेरा से संबंधित इनके विवादित मुद्दे पर बातचीत की थी। उन्होंने साफ कहा था कि यदि कोई समस्या है तो वे लिखित शिकायत दें, ताकि इस पर कार्रवाई की जा सके।
पता ये भी चला है कि किसी पर हाथ भी छोड़ गया था। यहां बता दें कि अमर उजाला से बातचीत के दौरान विश्वास गुप्ता जहां पहले कुछ भी ना होने की बात से इंकार कर रहे थे, जब उपरोक्त पूरा घटनाक्रम बताया गया तो उन्होंने बाद में इस बारे में स्वीकार करते हुए कहा कि यह सब मिस कम्यूनिकेशन कारण हुआ।
आईजी ला एंड आर्डर की प्रतिक्रिया
आईजी ला एंड आर्डर एएस चावला से ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है, ना ही शुक्रवार को विश्वास गुप्ता या उनके परिवार के किसी सदस्य ने उन्हें फोन पर कोई जानकारी दी थी। उन्होंने यह जरूर बताया कि 22 सितंबर नहीं, बल्कि इससे कुछ दिन पहले विश्वास गुप्ता और उनके पिता उनसे मिलने आये थे और डेरा से संबंधित इनके विवादित मुद्दे पर बातचीत की थी। उन्होंने साफ कहा था कि यदि कोई समस्या है तो वे लिखित शिकायत दें, ताकि इस पर कार्रवाई की जा सके।