{"_id":"5bc43e3bbdec22698671e58b","slug":"asian-games-gold-medalist-tejinder-pal-singh-toor-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोल्ड मेडलिस्ट तेजिंदर तूर हुए भावुक, बोले- पिता के जाने से टूट गया था, अब ओलंपिक अगला टारगेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोल्ड मेडलिस्ट तेजिंदर तूर हुए भावुक, बोले- पिता के जाने से टूट गया था, अब ओलंपिक अगला टारगेट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:44 PM IST
विज्ञापन
शॉटपुट खिलाड़ी तेजिन्द्र पाल सिंह तूर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिता को कैंसर की खबर ने मेरे पैरों तले से जमीन खिसका दी थी। तकरीबन 15 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा, जिसके बाद शारीरिक रूप से मैं काफी कमजोर हो गया। इस बीच मुझे धर्मशाला जाना पड़ा और वहां अभ्यास के दौरान एंकल में इंजरी हो गई। तब ऐसा लगा कि एशियन गेम्स में नहीं खेल पाऊंगा। लेकिन साई के कोच महेंन्द्र सिंह ढिल्लों के प्रयासों के बाद में इंजरी से उभरा और पदक जीतने में सफल रहा।
यह बात एशियन गोल्ड मेडलिस्ट शॉटपुट खिलाड़ी तेजिन्द्र पाल सिंह तूर ने रविवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में एथलीट मीट के उद्धाटन के दौरान कही। इस अवसर पर वे मुख्य मेहमान थे। उन्होंने कहा- तेज गेंदबाजी छोड़कर शॉटपुट चुनने का फैसला मेरे लिए बेहतर रहा। पहले मुझे गली क्रिकेट तथा जिला स्तर पर तेज गेंदबाजी करना बेहतर लगता था। लेकिन पिता के कहने पर मैंने शॉटपुट खेलना शुरू किया।
मुझे शुरुआती ट्रेनिंग मेरे चाचा ने दी। वे खुद भी नेशनल स्तर के शॉटपुट खिलाड़ी हैं। इसके बाद मैंने नेशनल में पदक जीतना शुरू कर दिया। कई महत्वपूर्ण चैंपिंयनशिप में पदक जीतकर मैंने खुद को साबित किया। इसके बाद मुझे इंटरनेशनल स्तर पर खेलने का मौका मिला। तेजिंन्द्र पाल सिंह तूर ने कहा कि एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद अब मेरा अगला टारगेट ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह बात एशियन गोल्ड मेडलिस्ट शॉटपुट खिलाड़ी तेजिन्द्र पाल सिंह तूर ने रविवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में एथलीट मीट के उद्धाटन के दौरान कही। इस अवसर पर वे मुख्य मेहमान थे। उन्होंने कहा- तेज गेंदबाजी छोड़कर शॉटपुट चुनने का फैसला मेरे लिए बेहतर रहा। पहले मुझे गली क्रिकेट तथा जिला स्तर पर तेज गेंदबाजी करना बेहतर लगता था। लेकिन पिता के कहने पर मैंने शॉटपुट खेलना शुरू किया।
विज्ञापन
मुझे शुरुआती ट्रेनिंग मेरे चाचा ने दी। वे खुद भी नेशनल स्तर के शॉटपुट खिलाड़ी हैं। इसके बाद मैंने नेशनल में पदक जीतना शुरू कर दिया। कई महत्वपूर्ण चैंपिंयनशिप में पदक जीतकर मैंने खुद को साबित किया। इसके बाद मुझे इंटरनेशनल स्तर पर खेलने का मौका मिला। तेजिंन्द्र पाल सिंह तूर ने कहा कि एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद अब मेरा अगला टारगेट ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन