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पंजाब: एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता तेजिंदरपाल सिंह तूर का चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर हुआ स्वागत
Sat, 07 Oct 2023 06:37 PM IST
भूपेंद्र सिंह
एएनआई, पंजाब
एएनआई, पंजाब
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 07 Oct 2023 06:37 PM IST
सार
तजिंदर पाल सिंह तूर पंजाब के मोगा जिले गांव खोसा पांडो के रहने वाले हैं। उन्होंने 20.36 मीटर थ्रो करके भारत को स्वर्ण पदक जीता है। तजिंदर पाल सिंह तूर एक भारतीय शॉट पुटर है।
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तजिंदर पाल सिंह तूर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता तेजिंदरपाल सिंह तूर का चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया है। उनकों मालाएं पहनाकर बधाईयां दी गई। भारत के दिग्गज एथलीट तजिंदर पाल सिंह तूर ने हांगझोऊ एशियाई खेलों में पुरुषों के शॉटपुट यानी गोला-फेंक में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने रविवार को 20.36 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। पुरुषों के शॉटपुट के फाइनल में छह थ्रो मिलते हैं।
एथलीट्स के बेस्ट अटेम्प्ट के आधार पर पदक तय किए जाते हैं। तजिंदर के बाद दूसरे स्थान पर 20.18 मीटर के बेस्ट अटेम्प्ट के साथ सऊदी अरब के मोहम्मद दोउदा तोलो दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक जीता। वहीं, चीन के यांग लियू ने 19.97 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
तजिंदर ने अपने पहले और दूसरे थ्रो में फाउल किया। वहीं, उनका तीसरा थ्रो 19.51 मीटर का रहा। चौथे थ्रो में उन्होंने 20.06 मीटर फेंका। पांचवां थ्रो फाउल रहा। वहीं, पांचवीं बार में तजिंदर ने 20.36 मीटर का थ्रो किया। इस थ्रो के साथ उन्होंने स्वर्ण भी पक्का कर लिया। इस थ्रो के साथ उन्हें पता था कि उन्होंने पहला स्थान हासिल कर लिया है। दूसरे स्थान पर रहने वाले तोलो का कोई थ्रो फाउल नहीं रहा। उन्होंने पहली बार में 19.54 मीटर, दूसरा 19.56 मीटर, तीसरा 19.93 मीटर का थ्रो किया। चौथे प्रयास में उन्होंने 20.18 मीटर का थ्रो किया। पांचवें प्रयास में उन्होंने 19.47 मीटर और आखिरी प्रयास में 19.83 मीटर का थ्रो किया।
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13 नवंबर 1994 को जन्मे तजिंदर पाल सिंह मोगा के गांव खोसा पांडो में ही पले-बढ़े। उनकी माता प्रीत पाल तूर और पिता कर्म सिंह तूर किसान थे। उनके लिए तजिंदर पाल सिंह तूर की सभी जरूरतों को पूरा करना बहुत मुश्किल था। बचपन में क्रिकेटर बनना चाहते थे। पिता करम सिंह और चाचा गुरनाम सिंह चाहते थे कि उनका बेटा शॉट पुट में जाएं और देश के लिए कुछ करे। चाचा गुरनाम सिंह शॉट पुट चैंपियन रह चुके हैं।
अक्तूबर 2018 में क्वींसलैंड के कैरारा स्टेडियम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में तजिंदर 19.42 मीटर के थ्रो के साथ पुरुषों के शॉट पुट फाइनल में 8वें स्थान पर रहे। इससे पहले वह क्वालिफाइंग चरण के दौरान 10वें स्थान पर रहे। न्यूजीलैंड के टॉमस वॉल्श में 21.41 मीटर के थ्रो के साथ इवेंट के शीर्ष स्कोरर थे। इससे पहले 25 अगस्त 2018 को उन्होंने जकार्ता में आयोजित 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े।
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एथलीट्स के बेस्ट अटेम्प्ट के आधार पर पदक तय किए जाते हैं। तजिंदर के बाद दूसरे स्थान पर 20.18 मीटर के बेस्ट अटेम्प्ट के साथ सऊदी अरब के मोहम्मद दोउदा तोलो दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक जीता। वहीं, चीन के यांग लियू ने 19.97 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
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तजिंदर ने अपने पहले और दूसरे थ्रो में फाउल किया। वहीं, उनका तीसरा थ्रो 19.51 मीटर का रहा। चौथे थ्रो में उन्होंने 20.06 मीटर फेंका। पांचवां थ्रो फाउल रहा। वहीं, पांचवीं बार में तजिंदर ने 20.36 मीटर का थ्रो किया। इस थ्रो के साथ उन्होंने स्वर्ण भी पक्का कर लिया। इस थ्रो के साथ उन्हें पता था कि उन्होंने पहला स्थान हासिल कर लिया है। दूसरे स्थान पर रहने वाले तोलो का कोई थ्रो फाउल नहीं रहा। उन्होंने पहली बार में 19.54 मीटर, दूसरा 19.56 मीटर, तीसरा 19.93 मीटर का थ्रो किया। चौथे प्रयास में उन्होंने 20.18 मीटर का थ्रो किया। पांचवें प्रयास में उन्होंने 19.47 मीटर और आखिरी प्रयास में 19.83 मीटर का थ्रो किया।
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#WATCH | Asian Games Gold medalist and Chief Petty Officer Tejinder Pal Singh Toor arrives at Chandigarh airport. pic.twitter.com/hIPsgMu9Gs
— ANI (@ANI) October 7, 2023
13 नवंबर 1994 को जन्मे तजिंदर पाल सिंह मोगा के गांव खोसा पांडो में ही पले-बढ़े। उनकी माता प्रीत पाल तूर और पिता कर्म सिंह तूर किसान थे। उनके लिए तजिंदर पाल सिंह तूर की सभी जरूरतों को पूरा करना बहुत मुश्किल था। बचपन में क्रिकेटर बनना चाहते थे। पिता करम सिंह और चाचा गुरनाम सिंह चाहते थे कि उनका बेटा शॉट पुट में जाएं और देश के लिए कुछ करे। चाचा गुरनाम सिंह शॉट पुट चैंपियन रह चुके हैं।
2017 से शुरू हुआ पदक जीतने का सिलसिला
तजिंदर पाल सिंह तूर ने जून 2017 में पटियाला में फेड कप नेशनल सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लिया। यहां उन्होंने 20.40 मीटर थ्रो करके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड किया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और अब तक कई पदक भारत को दिला चुके हैं। उसी साल के जुलाई महीने में भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में एथलेटिक्स में 2017 एशियाई चैंपियनशिप में 19.77 मीटर के थ्रो के साथ अपना पहला रजत पदक जीता।अक्तूबर 2018 में क्वींसलैंड के कैरारा स्टेडियम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में तजिंदर 19.42 मीटर के थ्रो के साथ पुरुषों के शॉट पुट फाइनल में 8वें स्थान पर रहे। इससे पहले वह क्वालिफाइंग चरण के दौरान 10वें स्थान पर रहे। न्यूजीलैंड के टॉमस वॉल्श में 21.41 मीटर के थ्रो के साथ इवेंट के शीर्ष स्कोरर थे। इससे पहले 25 अगस्त 2018 को उन्होंने जकार्ता में आयोजित 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े।