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Chandigarh News: एशियन गेम्स की डबल गोल्ड मेडलिस्ट रफ्तार क्वीन हरमिलन कौर अब चंडीगढ़ से खेलेंगी
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चंडीगढ़। एशियन गेम्स की डबल गोल्ड मेडलिस्ट एथलीट हरमिलन कौर बैंस अब चंडीगढ़ को ओर से खेलेंगी। चंडीगढ़ से खेलने के लिए पंजाब से उन्हें एनओसी मिल गई है। भविष्य में वह चंडीगढ़ की तरफ से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। चंडीगढ़ एथलेटिक एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह गिल और जनरल सेक्रेटरी जसपिंदर सिंह हरमिलन कौर सैंस के चंडीगढ़ की ओर से खेलने का स्वागत करते हुए कहा कि एसोसिएशन की ओर से हरमिलन कौर बैंस को हर तरह की सुविधाएं दी जाएगी, ताकि वह अंतररराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर शहर के साथ देश का नाम रोशन कर सके। हरमिलन कौर बैंस पंजाब के होशियारपुर की रहने वाली हैं। वह एथलेटिक्स में 800 मीटर, 1500 मीटर और 3000 मीटर की धावक हैं।
हरमिलन बैंस की पदक और उपलब्धियां
हरमिलन ने साल 2015 में रांची में आयोजित अंडर- 18 नेशनल चैंपियनशिप के 800 मीटर और 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने साल 2016 में वियतनाम के हो ची-मिन्ह में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप की 1500 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पहला अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने इंडियन ग्रांप्री में भी 800 मीटर स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। साल 2017 में घुटने की चोट के कारण उन्हें कई इवेंट को छोड़ना पड़ा। साल 2019 में उन्होंने वापसी की और पटियाला में आयोजित फेडेरशन कप के 1500 मीटर इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके अलावा उन्होंने मूदबिदरी में आयोजित इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में स्वर्ण (1500 मीटर) और कांस्य (800 मीटर) पदक अपने नाम किया। हालांकि साल 2020 में हरमिलन ने भारतीय एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने उस वर्ष भुवनेश्वर में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के 800 मीटर और 1500 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीता।
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हरमिलन बैंस की पदक और उपलब्धियां
हरमिलन ने साल 2015 में रांची में आयोजित अंडर- 18 नेशनल चैंपियनशिप के 800 मीटर और 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने साल 2016 में वियतनाम के हो ची-मिन्ह में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप की 1500 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पहला अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने इंडियन ग्रांप्री में भी 800 मीटर स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। साल 2017 में घुटने की चोट के कारण उन्हें कई इवेंट को छोड़ना पड़ा। साल 2019 में उन्होंने वापसी की और पटियाला में आयोजित फेडेरशन कप के 1500 मीटर इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके अलावा उन्होंने मूदबिदरी में आयोजित इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में स्वर्ण (1500 मीटर) और कांस्य (800 मीटर) पदक अपने नाम किया। हालांकि साल 2020 में हरमिलन ने भारतीय एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने उस वर्ष भुवनेश्वर में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के 800 मीटर और 1500 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीता।
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