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मोगाः बहुचर्चित भुक्की केस में एएसआई और कांस्टेबल हुए बरी, जानिए अब आगे क्या होगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोगा (पंजाब)
Updated Fri, 21 Sep 2018 08:40 PM IST
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बहुचर्चित भुक्की केस में एडिशनल जिला एवं सेशन जज तरसेम मंगला ने थाना बाघापुराना के अधीन पुलिस चौकी नत्थूवाला गर्बी के तत्कालीन चौकी इंचार्ज एएसआई जरनैल सिंह और मुंशी जसवीर सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। तत्कालीन जिला पुलिस प्रमुख कमलजीत सिंह ढिल्लों ने सात सितंबर 2013 को प्रेस कांफ्रेंस कर इस पुलिस चौकी से 1.68 क्विंटल भुक्की, 66 बोतल व्हिस्की और 46 हजार की नगदी बरामद करने का दावा किया था।
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उस समय चौकी इंचार्ज एएसआई जरनैल सिंह और मुंशी जसवीर सिंह को तो उन्होंने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था और हवलदार देविंदर सिंह को नामजद किया गया था। उनकी केस की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। जिला पुलिस की इस कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके अलावा चौकी में तैनात पूरे स्टाफ का भी तबादला कर दिया गया था। तत्कालीन जिला पुलिस प्रमुख की इस कार्रवाई की जोरदार प्रशंसा भी हुई थी।
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हालांकि इसके बाद वह खुद भी विवादों में घिर गए थे और उन पर आरोपी एएसआई ने 40 लाख रुपये की रिश्वत लेने की विभाग के उच्च अधिकारियों के पास शिकायत भी की थी। पुलिस ने कानून के मुताबिक 180 दिनों में आरोपी एएसआई और कांस्टेबल के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र भी पेश नहीं किया तो अदालत ने आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली। इसके बाद आरोपी एएसआई और कांस्टेबल को विभाग ने फिर नौकरी पर बहाल कर दिया।
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इस दौरान पुलिस ने यह केस रद्द करने के बारे में अदालत में अर्जी दाखिल कर दी। इस केस के जांच अधिकारी एवं थाना बाघापुराना के तत्कालीन एसएचओ अमरजीत सिंह कुलार ने निजी वकील के जरिये अदालत में पुलिस की तरफ केस रद्द करने की रिपोर्ट का जोरदार विरोध किया था। तकरीबन साढ़े तीन साल से लटक रहे इस मामले में दोनों आरोपियों पर अदालत के आरोप तय करने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी।
एडिशनल जिला एवं सेशन जज तरसेम मंगला की अदालत ने दोनों गुटों के वकीलों को सुनने और तथ्यों को पढ़ने के बाद सबूतों के अभाव में एएसआई जरनैल सिंह और मुंशी जसवीर सिंह को बरी करने का आदेश दिया है।