आशुतोष महाराज : सरकार ने फिर से मांगी मोहलत, हाईकोर्ट ने सुनाई खरी-खरी
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज केशरीर का अंतिम संस्कार करने के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट द्वारा उठाए गए सवालों पर बुधवार को पंजाब सरकार जवाब दाखिल नहीं कर सकी।
हाईकोर्ट को डीजी पुलिस की व्यस्तता का हवाला देते हुए समय दिए जाने की अपील की गई। हाईकोर्ट ने इसपर पंजाब सरकार को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि पंजाब सरकार क्यों इस मामले में इतनी देरी कर रही है।
देरी सरकार करती है और लोग न्यायपालिका को कोसते हैं। हालांकि पंजाब सरकार को आखिरी मौका देते हुए हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि 23 नवंबर तक यदि सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया तो उस स्थिति में 20 हजार जुर्माने का भुगतान करना होगा।
बुधवार को मामले की सुनवाई आरंभ होते ही पंजाब सरकार से हाईकोर्ट ने पूछा कि आशुतोष महाराज के शरीर का निपटारा करने या इससे जुड़े विकल्पों को लेकर हाईकोर्ट ने जो आदेश जारी किए थे उसपर पंजाब सरकार ने जवाब क्यों नहीं सौंपा।
पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने के आखिरी मौका
इसपर पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि लगभग सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है बस रिपोर्ट को सौंपा जाना बाकी है। डीजी द्वारा इस दिशा में काम किया जा रहा है।
इसपर हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि अभी इस प्रकार से बार-बार समय मांगा जा रहा है और इसके बाद पंजाब में चुनाव होने वाले हैं। कानून व्यवस्था की दुहाई देते हुए फिर से समय मांग लिया जाएगा।
कोर्ट को सरकार को चेताते हुए कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द इस दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए। पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि उन्हें केवल 1 सप्ताह का समय दिया जाए और वे कार्य पूरा कर लेंगे।
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार केइस आश्वासन पर मामले की सुनवाई 23 नवंबर तक टालते हुए जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि फिर भी जवाब नहीं आया तो 20 हजार रुपए का जुर्माना पंजाब सरकार को भुगतना होगा।