'आशुतोष महाराज' का बेटा होने के सौंपे सुबूत
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दिलीप झा ने हाईकोर्ट में अपना स्कूल सर्टिफिकेट पेश किया है। उन्होंने यह सर्टिफिकेट दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल जालंधर प्रमुख महेश कुमार झा उर्फ आशुतोष महाराज का शव हासिल करने के लिए पेश किया है।
इस सर्टिफिकेट में उसके पिता का नाम महेश कुमार लिखा है। इसके साथ ही दिलीप के मामा जतिन कुमार ने भी एक शपथ पत्र पेश कर कहा है कि उनकी बहन की शादी महेश कुमार झा उर्फ आशुतोष महाराज से हुई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा है कि महेश कुमार नाम के और भी व्यक्ति भी हो सकते हैं।
इसलिए दिलीप और ठोस सबूत भी पेश करे, जिनसे आशुतोष महाराज के उसके पिता होने की पुष्टि हो सके। सुनवाई 29 अक्तूबर के लिए स्थगित कर दी है।
जस्टिस एमएमएस बेदी की बेंच ने दिलीप झा को आशुतोष महाराज के बेटे होने के पुख्ता सबूत पेश करने का निर्देश दिया था। सोमवार को उनके वकीलों आरएस बैंस और एसपी सोही ने स्कूल सर्टिफिकेट की प्रति के अलावा वोटर लिस्ट भी पेश की।
कोर्ट ने कहा, सबूत नाकाफी पूख्ता सबूत दें
स्कूल सर्टिफिकेट की प्रति के बारे में हाईकोर्ट से कहा गया कि असल सर्टिफिकेट डाक के जरिए मंगवाना पड़ेगा। इसमें अभी समय लगेगा। इससे पहले दिलीप ने बिहार सरकार की ओर से पंजाब सरकार को भेजे पत्र का हवाला भी दिया है। उस वक्त बेंच ने कहा था कि दिलीप और आशुतोष महाराज में बाप-बेटे का संबंध होने का पुख्ता सबूत जरूरी है।
बेंच ने दिलीप झा को स्कूल प्रमाण पत्र, आशुतोष महाराज के साथ कोई तस्वीर यदि है, दिलीप की पत्नी सरिता से शादी का सबूत, दिलीप की मां नंदिनी के आशुतोष महाराज की पत्नी होने का सबूत आदि पेश करने का निर्देश दिया था।
दिलीप झा ने याचिका में आरोप लगाया था कि उसे शक है कि उनके पिता की हत्या की गई है, लिहाजा शव का पोस्टमार्टम करवाया जाना चाहिए और शव उनके हवाले किया जाए। उन्होंने कहा था कि वह अपने पिता का अंतिम संस्कार मधुबनी बिहार में ले जाकर करना चाहता है।
दिलीप झा ने पोस्टमार्टम की मांग की थी
पिछली बार हाईकोर्ट ने संस्थान को प्रतिवादी बनाते हुए जवाब मांगा था। अब संस्थान ने कहा है कि आशुतोष महाराज के शरीर का संस्कार नहीं किया जा सकता, वह कभी भी समाधि से लौट सकते हैं और वे उन्हें ऐसा कह कर ही समाधि में गए हैं।
इस कारण वह अपनी ड्यूटी में कोताही नहीं बरत सकते, यह संस्थान की परंपरा है। हाईकोर्ट ने कहा था कि आशुतोष की मौत पर संदेह जताया जा रहा है, ऐसे में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सरकार आनाकानी कर रही है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से पहले पंजाब सरकार ने कहा कि ड्राइवर होने का दावा कर रहा पूर्ण सिंह शोहरत के लिए सारी कार्रवाई कर रहा है।
दिलीप झा ने याचिका दायर कर कहा था कि आशुतोष महाराज मधुबनी (बिहार) के गांव लखनौर के रहने वाले हैं। वहां के लोग चाहते हैं कि शव का अंतिम संस्कार गांव में ही हो। शव प्राप्त करने के लिए दिलीप झा ने बिहार के गृह सचिव तक पहुंच की थी। उसके मुताबिक गृह सचिव ने पंजाब के गृह सचिव को शव बिहार पहुंचाने के लिए पत्र भेजा था।
इसके अलावा उनके क्षेत्र के सांसद ने पंजाब के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेज कर शव बिहार पहुंचाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दलील के साथ दिलीप झा ने शव प्राप्त करने और पोस्टमार्टम की मांग की थी।
पूर्ण सिंह और दिलीप झा ने दायर की याचिका
हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से पहले पंजाब सरकार ने कहा कि ड्राइवर होने का दावा कर रहा पूर्ण सिंह शोहरत के लिए झूठे आरोप लगा रहा है। पूर्ण सिंह ने डेरे की संपत्ति हड़पने के लिए आशुतोष महाराज की हत्या की आशंका जताई थी।
केस में दिलीप झा ने याचिका दायर कर कहा था कि आशुतोष महाराज मधुबनी (बिहार) के गांव लखनौर के रहने वाले हैं। वहां के श्रद्धालु चाहते हैं कि शव का अंतिम संस्कार गांव में हो। शव पाने के लिए उन्होंने बिहार के गृह सचिव से गुहार लगाई थी, क्योंकि उन्हें पंजाब आने से डर लगता है। झा के अनुसार गृह सचिव ने पंजाब के गृह सचिव को शव बिहार पहुंचाने के लिए पत्र भेजा था। उनके क्षेत्र के सांसद ने भी पंजाब के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेज कर शव बिहार पहुंचाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दलील के साथ दिलीप झा ने शव प्राप्त करने और पोस्टमार्टम की मांग की थी।
बेटे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांगी इजाजत
आशुतोष महाराज के बेटे दिलीप कुमार झा ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। आशुतोष महाराज के पुत्र ने याचिका दायर कर अपने पिता के अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी है।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के अनुसार पिता के अंतिम संस्कार का हक पुत्र का होता है। साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की इस मामले में उदासीनता पर भी सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि उनके पिता की हत्या की गई है। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में यह याचिका दायर हुई है। एक दो दिन में हाईकोर्ट याचिका पर सुनवाई करेगा। दिलीप कुमार झा ने इस मामले में बिहार सरकार से भी हस्तक्षेप करने की मांग की है।