आशा कुमारी ने मनीष तिवारी को बताया पंजाब का नेता
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चंडीगढ़ कांग्रेस की प्रभारी आशा कुमारी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी को शर का नेता मानने से इनकार करते हुए उनको पंजाब के नेता बताया है। इससे स्पष्ट हो गया है कि वह पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के साथ हैं।
आशा कुमारी शनिवार को पत्रकारों से बात कर रही थीं। उन्होंने पवन बंसल और प्रदीप छाबड़ा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये लोग शहर के नेता हैं जबकि मनीष तिवारी पंजाब के नेता।
मालूम हो कि शहर में टिकट आवेदन के साथ शपथपत्र लेने पर बंसल और तिवारी गुट की ठनी हुई है। तिवारी गुट अपने ज्यादा से ज्यादा समर्थकों को नगर निगम चुनाव में टिकट भी दिलवाना चाहता है।
शपथ पत्र लेने के सवाल पर पार्टी प्रभारी ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। वह खुद सात बार चुनाव लड़ चुकी है और उन्होंने भी अपनी पार्टी में टिकट आवेदन के साथ शपथ पत्र दिया।
'आवेदन न करने वालों को भी मिल सकती है टिकट'
आशा कुमारी ने कहा कि पंजाब में भी यह सिस्टम लागू है। मालूम हो कि तिवारी गुट शपथ पत्र लेने पर बंसल गुट पर सवाल खड़ा कर रहा है। यहां तक कि मंच पर भी पार्टी सह प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव हरीश चौधरी ने बंसल को भावी सांसद कहकर संबोधित किया।
जबकि तिवारी गुट पिछले एक साल से पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी को सांसद के उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहा है। आशा कुमारी ने यह भी कहा कि शहर में कोई गुटबाजी नहीं है दूसरो की सोच अलग जरूर हो सकती है। उन्होंने कहा कि शहर में छाबड़ा कांग्रेस अध्यक्ष हैं जिन्हें राष्टीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नियुक्त किया है।
आवेदन न करने वालों को भी मिल सकती है टिकट
कांग्रेस में टिकट आवेदन के लिए समय सीमा समाप्त हो गई, लेकिन पार्टी प्रभारी आशा कुमारी का कहना है कि अगर कोई जीतने वाला उम्मीदवार होगा तो उसे टिकट दी जा सकती है बेशक उसने अभी तक आवेदन नहीं किया है।
लेकिन अधिकतर टिकट उन लोगों को दी जाएगी जिन्होंने आवेदन किया है। मालूम हो कि कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा यह कह चुके है कि जिसने आवेदन किया है उनमें से ही उम्मीदवार बनाया जाएगा।