{"_id":"5a2270c44f1c1b6e468b7db9","slug":"arvind-kejriwal-started-strengthening-his-political-roots-in-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में पैठ जमाने को केजरीवाल का नया पैंतरा, अब इनके सहारे पार होगी नैया!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में पैठ जमाने को केजरीवाल का नया पैंतरा, अब इनके सहारे पार होगी नैया!
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Dec 2017 05:18 PM IST
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने गृह प्रदेश हरियाणा में राजनीतिक जड़ें मजबूत करना शुरू कर दी हैं। केजरीवाल की निगाहें हरियाणा के 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर हैं। इसके मद्देनजर वह प्रदेश की भाजपा सरकार से नाराज चल रहे आंदोलनरत कर्मचारियों से संपर्क बढ़ा रहे हैं।
आंदोलनरत कर्मियों के पीछे खड़े होकर वे आम आदमी पार्टी की सियायी जमीन प्रदेश में मजबूत करने की ताक में हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली में हरियाणा के आंदोलनरत गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और लंबी बात की है। केजरी की कोर टीम नौकरी गंवा चुके जेबीटी, आंदोलनरत पर उतारू कंप्यूटर टीचर्स और रोडवेज कर्मियों से भी जल्दी संपर्क साधने की तैयारी में है। केजरीवाल के पास कर्मचारियों पर डोरे डालने का सबसे बड़ा आधार दिल्ली में कर्मचारी हित में लिए गए निर्णय हैं।
गेस्ट टीचर्स को पक्का करने के लिए केजरी विधानसभा में बिल पास कर चुके हैं। अन्य कच्चे कर्मियों को पक्का करने केलिए भी उन्होंने जरूरी कदम उठाए हैं। इन फैसलों को गिनाते हुए वह कर्मचारियों को आप के साथ जोड़ने का काम करेंगे। गेस्ट टीचर्स के साथ मुलाकात में केजरी ने आंदोलन को मजबूती प्रदान करने की भी बात कही है। उन्होंने गेस्ट को कहा है कि वे पक्का होने व अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करें, वह उनके धरने व प्रदर्शन में शामिल होंगे। केजरी की विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इन तैयारियों को देखते हुए प्रदेश में सियासी पारा चढ़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आंदोलनरत कर्मियों के पीछे खड़े होकर वे आम आदमी पार्टी की सियायी जमीन प्रदेश में मजबूत करने की ताक में हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली में हरियाणा के आंदोलनरत गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और लंबी बात की है। केजरी की कोर टीम नौकरी गंवा चुके जेबीटी, आंदोलनरत पर उतारू कंप्यूटर टीचर्स और रोडवेज कर्मियों से भी जल्दी संपर्क साधने की तैयारी में है। केजरीवाल के पास कर्मचारियों पर डोरे डालने का सबसे बड़ा आधार दिल्ली में कर्मचारी हित में लिए गए निर्णय हैं।
विज्ञापन
गेस्ट टीचर्स को पक्का करने के लिए केजरी विधानसभा में बिल पास कर चुके हैं। अन्य कच्चे कर्मियों को पक्का करने केलिए भी उन्होंने जरूरी कदम उठाए हैं। इन फैसलों को गिनाते हुए वह कर्मचारियों को आप के साथ जोड़ने का काम करेंगे। गेस्ट टीचर्स के साथ मुलाकात में केजरी ने आंदोलन को मजबूती प्रदान करने की भी बात कही है। उन्होंने गेस्ट को कहा है कि वे पक्का होने व अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करें, वह उनके धरने व प्रदर्शन में शामिल होंगे। केजरी की विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इन तैयारियों को देखते हुए प्रदेश में सियासी पारा चढ़ सकता है।
विज्ञापन
सिर्फ लड़ा हरियाणा में लोकसभा चुनाव
Arvind Kejriwal
- फोटो : File Photo
पक्का न करने से गेस्ट खफा
भाजपा ने चुनाव से पहले प्रदेश की सत्ता संभालने पर गेस्ट टीचर्स को पहली कलम से पक्का करने का भरोसा दिया था, लेकिन सरकार बनाने के बाद कानूनी पेच गिनाने शुरू कर दिए। साथ ही 1200 गेस्ट को नौकरी से निकाल भी दिया।
इससे गेस्ट में सरकार के प्रति नाराजगी है और वह केजरीवाल के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे थे ताकि आप के हरियाणा में चुनाव लड़ने पर केजरीवाल गेस्ट टीचर्स की मांगों को प्रमुखता से उठाएं। केजरीवाल के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचना शुरू है, चूंकि प्रदेश सरकार किसी सूरत में नहीं चाहेगी कि अरविंद केजरीवाल का दखल हरियाणा के कर्मचारियों में बढ़े।
सिर्फ लड़ा हरियाणा में लोकसभा चुनाव
आम आदमी पार्टी ने अस्तित्व में आने के बाद हरियाणा में सिर्फ लोकसभा चुनाव ही लड़ा था, जिसमें सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। इसके बाद पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। अब केजरीवाल एंड टीम 2019 के विस चुनाव में उतरती है या नहीं, इस पर से पर्दा भविष्य में ही उठ पाएगा।
भाजपा ने चुनाव से पहले प्रदेश की सत्ता संभालने पर गेस्ट टीचर्स को पहली कलम से पक्का करने का भरोसा दिया था, लेकिन सरकार बनाने के बाद कानूनी पेच गिनाने शुरू कर दिए। साथ ही 1200 गेस्ट को नौकरी से निकाल भी दिया।
इससे गेस्ट में सरकार के प्रति नाराजगी है और वह केजरीवाल के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे थे ताकि आप के हरियाणा में चुनाव लड़ने पर केजरीवाल गेस्ट टीचर्स की मांगों को प्रमुखता से उठाएं। केजरीवाल के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचना शुरू है, चूंकि प्रदेश सरकार किसी सूरत में नहीं चाहेगी कि अरविंद केजरीवाल का दखल हरियाणा के कर्मचारियों में बढ़े।
सिर्फ लड़ा हरियाणा में लोकसभा चुनाव
आम आदमी पार्टी ने अस्तित्व में आने के बाद हरियाणा में सिर्फ लोकसभा चुनाव ही लड़ा था, जिसमें सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। इसके बाद पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। अब केजरीवाल एंड टीम 2019 के विस चुनाव में उतरती है या नहीं, इस पर से पर्दा भविष्य में ही उठ पाएगा।