अब पंजाब में 'आप' को लेकर विवाद शुरू
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पूरे देश में हार का सामना करने वाली आम आदमी पार्टी की लाज पंजाब ने चार सीटें जिता कर बचाई। इस जीत से उत्साहित ‘आप’ पार्टी ने पंजाब पर फोकस करने की तैयारी की थी।
जिसकी शुरुआत सूबे में संगठन खड़ा करने से होनी थी, लेकिन पंजाब में पार्टी के कदम बढ़ने से पहले ही थम गए हैं। क्योंकि संगठन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अब दो राष्ट्रीय नेता हालात का जायजा लेने पंजाब आ रहे हैं। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय कंवीनर अरविंद केजरीवाल भी तीन जून को दरबार साहिब में माथा टेकेंगे। अनौपचारिक तौर पर वह भी प्रदेश में पार्टी के हालातों पर फीडबैक लेंगे।
फूलका की नियुक्ति पर विवाद
पंजाब में शानदार जीत के बाद आम आदमी पार्टी की नजरें अब जल्द होने वाले उप चुनाव से लेकर नगर काउंसिल व नगर निगम चुनाव पर लगी हुई थीं। लोकसभा चुनाव में 33 विधानसभा सीटों पर जीत के साथ पार्टी को 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद दिख रही थी।
जिसकी तैयारी की शुरुआत संगठनात्मक ढांचे के गठन से होनी थी, लेकिन शुरुआत ही गलत हो गई। राष्ट्रीय नेतृत्व अभी हार के मंथन से नहीं उबर पाया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव भी उन्हें सामने दिख रहे हैं।
इस बीच जालंधर कार्यकारिणी के एक गुट ने एचएस फूलका को पंजाब का कंवीनर नियुक्त करने का प्रस्ताव पास किया। साथ ही यह प्रचारित कर दिया कि केजरीवाल ने इसे हरी झंडी दे दी है।
चार सांसदों में से तीन इसके विरोध में
इसके साथ ही विरोध शुरू हो गया। पंजाब से जीते चार सांसदों में से तीन इसके विरोध में आ गए। कई अन्य उम्मीदवारों व नेताओं ने भी इसका खुलकर विरोध किया। रविवार को जालंधर के देश भगत यादगार हॉल में राज्य भर के वॉलंटियर्स की मीटिंग हुई। उसमें भी इसका खुलकर विरोध किया गया। राष्ट्रीय नेतृत्व पंजाब के फीडबैक से परेशान है। सही हालात का जायजा लेने के लिए मनीष सिसोदिया और जरनैल सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। जो जल्द पंजाब आएंगे।
दुविधा में पार्टी
आम आदमी पार्टी पंजाब को लेकर दुविधा में है। पंजाब के बारे में जानने वाला दिल्ली में कोई नेता नहीं है। योगेंद्र यादव के पास प्रभार था, चुनाव में भी वह व्यस्त रहे। अब वह सभी पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
पार्टी यह तय नहीं कर पा रही है कि पंजाब में संगठन बनाने के लिए चुनाव कराए जाएं या फिर पदाधिकारी नामित किए जाएं। पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती उन वॉलंटियर्स को सम्मानजनक स्थान देना होगा, जिन्होंने चुनाव लड़ाया था।