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बठिंडा: बादल परिवार का किला फतेह करना चाहते हैं केजरीवाल, इस नेता को दिया विधानसभा चुनाव का टिकट
Fri, 17 Dec 2021 05:16 PM IST
ajay kumar
भारत भूषण मित्तल, संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
भारत भूषण मित्तल, संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 17 Dec 2021 05:16 PM IST
सार
वर्ष 2017 के चुनाव में लंबी सीट से आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह को उम्मीदवार बनाया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह भी पटियाला के साथ लंबी से चुनाव मैदान में उतरे थे। प्रकाश सिंह बादल 66 हजार 375 वोट पाकर विजयी रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह 43605 वोट के साथ दूसरे और जरनैल सिंह 21 हजार 254 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
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दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल
- फोटो : एएनआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
मुक्तसर जिले के लंबी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी ने फिर से बादल परिवार का किला फतह करने के लिए कांग्रेस के सबसे पुराने नेता गुरमीत सिंह खुंडियां को अपना प्रत्याशी बनाया है। आप ने इसी मकसद से 2017 में लंबी सीट से जरनैल सिंह को प्रत्याशी बनाया था लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी लंबी के रण में उतर गए और फायदा पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को मिला।
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विधानसभा लंबी की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो 1997 से 2017 तक प्रकाश सिंह बादल पांच बार विधायक रहे। इससे पहले कांग्रेस तीन बार जीत चुकी है। कांग्रेस उम्मीवारों ने लंबी सीट से 1962, 1967 और 1992 में चुनाव जीता था। 1969 और 1972 में इस सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के दाना राम विधायक बने थे तो 1977 में प्रकाश सिंह बादल के छोटे भाई गुरदास सिंह बादल विजयी रहे थे। उनके बाद 1982 और 1987 में हर दीपेंद्र सिंह शिरोमणि अकाली दल की तरफ से जीते। वर्ष 1997 से अब तक पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल इसी सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं।
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सामाजिक ताना-बाना
लंबी विधानसभा सीट पर अनुमान के मुताबिक दो लाख से अधिक वोटर हैं। यहां पिछले चुनाव में अच्छा मतदान हुआ था। लंबी विधानसभा सीट पर एक लाख 50 हजार से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। लंबी सीट पर पिछले चुनाव में प्रकाश सिंह बादल ने वोटरों से कहा था कि ये उनका आखिरी चुनाव है। इस बात की चर्चा तेज है कि यहां से सांसद सुखबीर बादल अपने पिता की विरासत को संभालेंगे लेकिन स्थिति टिकट बंटवारे के बाद ही साफ होगी।
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गुरमीत खुडियां को टिकट देने का मकसद आप करना चाहती जीत हासिल
गुरमीत सिंह खुडियां पुराने कांग्रेसी परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता भी उक्त क्षेत्र में काफी काम कर चुके थे। इसके अलावा गुरमीत सिंह खुडियां ने खुद लंबी क्षेत्र में काम किया है। यही वजह है कि उनकी स्थानीय लोगों में अच्छी पैठ है। खुडियां पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते हैं। अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर उन्होंने पिछले साल कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की थी। हालांकि कोई सुनवाई नहीं हुई। अंत में नाराज होकर उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था।