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कैप्टन पर तंज कसने से नहीं चूके केजरीवाल, बोले- प्रदूषण से अछूता नहीं पंजाब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Nov 2017 09:13 AM IST
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Kejriwal-Khattar Meeting
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बातों में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात का समय न मिलने की टीस साफ झलकी। वे बुधवार को यहां वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सरकारी आवास पर पहुंचे थे।
बैठक के बाद संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान अरविंद केजरीवाल ने बातों ही बातों में बिना नाम लिए पंजाब के सीएम पर तंज कस ही दिया। उन्होंने कहा कि इन दिनों प्रदूषण के प्रकोप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व पंजाब अछूता नहीं है। दिल्ली का सीएम होने के नाते लोगों के स्वास्थ्य की उन्हें चिंता है। सीएम मनोहर लाल ने बातचीत के लिए समय दिया, उनका आभार। हमें यह समझना पड़ेगा कि सबकी टेरिटेरी अलग-अलग हो सकती है, मगर हवाओं पर किसी का जोर नहीं चलता। हवा एक-दूसरे के यहां-वहां आती-जाती रहती है। वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान तभी निकल सकता है, जब सभी मिलकर प्रयास करें।
हरियाणा के मुख्यमंत्री और उनकी टीम के साथ सभी अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है। बैठक काफी सौहार्दपूर्ण रही। भविष्य में भी इस दिशा में अच्छे सुझावों और उपायों के साथ आगे बढ़ेंगे ताकि वायु प्रदूषण की समस्या से निजात पाई जा सके। माना जा रहा है कि केजरीवाल ने टेरिटेरी और हवाओं के इधर-उधर आने-जाने की बात यूं ही नहीं कही। उनका निशाना पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर पर था। चूंकि, केजरीवाल ने अमरिंदर सिंह से भी मिलने का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने बातचीत से इंकार कर उल्टा केजरीवाल पर पलटवार कर दिया था। कैप्टन ने कहा था कि केजरी से बातचीत का कोई फायदा होने वाला नहीं, उनके पास बर्बाद करने के लिए समय नहीं है। केंद्र इसमें दखल दे।
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बैठक के बाद संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान अरविंद केजरीवाल ने बातों ही बातों में बिना नाम लिए पंजाब के सीएम पर तंज कस ही दिया। उन्होंने कहा कि इन दिनों प्रदूषण के प्रकोप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व पंजाब अछूता नहीं है। दिल्ली का सीएम होने के नाते लोगों के स्वास्थ्य की उन्हें चिंता है। सीएम मनोहर लाल ने बातचीत के लिए समय दिया, उनका आभार। हमें यह समझना पड़ेगा कि सबकी टेरिटेरी अलग-अलग हो सकती है, मगर हवाओं पर किसी का जोर नहीं चलता। हवा एक-दूसरे के यहां-वहां आती-जाती रहती है। वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान तभी निकल सकता है, जब सभी मिलकर प्रयास करें।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री और उनकी टीम के साथ सभी अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है। बैठक काफी सौहार्दपूर्ण रही। भविष्य में भी इस दिशा में अच्छे सुझावों और उपायों के साथ आगे बढ़ेंगे ताकि वायु प्रदूषण की समस्या से निजात पाई जा सके। माना जा रहा है कि केजरीवाल ने टेरिटेरी और हवाओं के इधर-उधर आने-जाने की बात यूं ही नहीं कही। उनका निशाना पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर पर था। चूंकि, केजरीवाल ने अमरिंदर सिंह से भी मिलने का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने बातचीत से इंकार कर उल्टा केजरीवाल पर पलटवार कर दिया था। कैप्टन ने कहा था कि केजरी से बातचीत का कोई फायदा होने वाला नहीं, उनके पास बर्बाद करने के लिए समय नहीं है। केंद्र इसमें दखल दे।
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Kejriwal-Khattar Meeting
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने समकक्ष दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को पानी से जुड़े मुद्दों पर घेरने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। मनोहर लाल ने बैठक में कहा कि कैरियर लाइंड चैनल (सीएलसी) की निर्माण लागत का 287.91 करोड़ रुपये की राशि का लंबित भुगतान दिल्ली जल बोर्ड जारी नहीं कर रहा है।
हरियाणा सिंचाई विभाग ने फरवरी 1993 में हरियाणा सरकार और एनओटी दिल्ली के बीच हुए समझौते के परिणामस्वरूप दिल्ली जल बोर्ड के डिपोजिट वर्क के रूप में विशेष तौर पर एनओटी दिल्ली के लिए पानी ले जाने के लिए आरडी 0 से 335986 तक डब्ल्यूजेसी प्रणाली के मुनक हेड से हैदरपुर ट्रीटमेंट प्लांट तक कैरियर लाइंड चैनल का निर्माण किया है। सीडब्ल्यूसी ने 667.26 करोड़ रुपये की राशि इस परियोजना की लागत को मंजूरी दी है, जिसमें से दिल्ली का हिस्सा 520.18 करोड़ रुपये है। दिल्ली ने अब तक 414.00 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इसलिए 106.18 रुपये का बकाया और इस पर 18 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज का भुगतान बाकि है। दिल्ली सरकार आश्वासन के बावजूद राशि नहीं दे रही। दिल्ली जल बोर्ड अतिरिक्त कच्चे पानी का लंबित शुल्क भी जारी नहीं कर रहा।
हरियाणा 29 फरवरी 1996 के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में वजीराबाद तालाब का स्तर पूरा रखने के लिए ताजेवाला में कॉमन पूल से पानी जारी कर रहा है। मार्च1996 से दिल्ली जल बोर्ड को आपूर्ति किए गए अतिरिक्त कच्चे पानी का बिल भेजा गया है। इस मामले पर दिल्ली में यूवाईआरसी की पांचवीं और छठी बैठकों और यूवाईआरबी की 50वीं बैठक के दौरान चर्चा हुई थी। दिल्ली जल बोर्ड के विरुद्घ देय राशि 69.62 करोड़ रुपये है। अतिरिक्त कच्चे पानी की इस मात्रा को ऊपरी यमुना नदी बोर्ड द्वारा विधिवत सत्यापित किया गया है।
2,74,78,664 रुपये की आबियाना राशि लंबित
हरियाणा सरकार अपने नहर तंत्र के माध्यम से दिल्ली के किसानों के लिए 51 क्यूसेक पानी की आपूर्ति कर रही है। संबंधित उपायुक्त को वसूली के लिए आबियाना भेजा जा रहा है। किसानों से 2,74,78,664 रुपये की राशि वसूली केलिए लंबित है। इस संबंध में कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद राजस्व प्राधिकारी संबंधित किसानों से राशि की वसूली नहीं कर पाए हैं। 28 मई 2013 को यूवाईआरसी की 5वीं और 6वीं बैठकों के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव दिल्ली ने यूवाईआरसी के अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि यह मामला हल कर लिया जाएगा। दिल्ली सरकार को हरियाणा सिंचाई विभाग के उप-कलेक्टर को कारिंदे के रूप में दिल्ली के किसानों से आबियाना रिकवर करने के लिए नामित करने का अनुरोध किया था, जिस पर अभी तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में उचित कार्रवाई करें।
हरियाणा सिंचाई विभाग ने फरवरी 1993 में हरियाणा सरकार और एनओटी दिल्ली के बीच हुए समझौते के परिणामस्वरूप दिल्ली जल बोर्ड के डिपोजिट वर्क के रूप में विशेष तौर पर एनओटी दिल्ली के लिए पानी ले जाने के लिए आरडी 0 से 335986 तक डब्ल्यूजेसी प्रणाली के मुनक हेड से हैदरपुर ट्रीटमेंट प्लांट तक कैरियर लाइंड चैनल का निर्माण किया है। सीडब्ल्यूसी ने 667.26 करोड़ रुपये की राशि इस परियोजना की लागत को मंजूरी दी है, जिसमें से दिल्ली का हिस्सा 520.18 करोड़ रुपये है। दिल्ली ने अब तक 414.00 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इसलिए 106.18 रुपये का बकाया और इस पर 18 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज का भुगतान बाकि है। दिल्ली सरकार आश्वासन के बावजूद राशि नहीं दे रही। दिल्ली जल बोर्ड अतिरिक्त कच्चे पानी का लंबित शुल्क भी जारी नहीं कर रहा।
हरियाणा 29 फरवरी 1996 के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में वजीराबाद तालाब का स्तर पूरा रखने के लिए ताजेवाला में कॉमन पूल से पानी जारी कर रहा है। मार्च1996 से दिल्ली जल बोर्ड को आपूर्ति किए गए अतिरिक्त कच्चे पानी का बिल भेजा गया है। इस मामले पर दिल्ली में यूवाईआरसी की पांचवीं और छठी बैठकों और यूवाईआरबी की 50वीं बैठक के दौरान चर्चा हुई थी। दिल्ली जल बोर्ड के विरुद्घ देय राशि 69.62 करोड़ रुपये है। अतिरिक्त कच्चे पानी की इस मात्रा को ऊपरी यमुना नदी बोर्ड द्वारा विधिवत सत्यापित किया गया है।
2,74,78,664 रुपये की आबियाना राशि लंबित
हरियाणा सरकार अपने नहर तंत्र के माध्यम से दिल्ली के किसानों के लिए 51 क्यूसेक पानी की आपूर्ति कर रही है। संबंधित उपायुक्त को वसूली के लिए आबियाना भेजा जा रहा है। किसानों से 2,74,78,664 रुपये की राशि वसूली केलिए लंबित है। इस संबंध में कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद राजस्व प्राधिकारी संबंधित किसानों से राशि की वसूली नहीं कर पाए हैं। 28 मई 2013 को यूवाईआरसी की 5वीं और 6वीं बैठकों के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव दिल्ली ने यूवाईआरसी के अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि यह मामला हल कर लिया जाएगा। दिल्ली सरकार को हरियाणा सिंचाई विभाग के उप-कलेक्टर को कारिंदे के रूप में दिल्ली के किसानों से आबियाना रिकवर करने के लिए नामित करने का अनुरोध किया था, जिस पर अभी तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में उचित कार्रवाई करें।