केजरीवाल से मीटिंग के लिए पंजाब AAP के 14 विधायक राजी, 6 ने की बगावत
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आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा पंजाब के पूर्व मंत्री और शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी को लेकर पार्टी में उठा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। आप की पंजाब इकाई के बगावती तेवरों को शांत करने के लिए शीर्ष नेतृत्व ने राज्य के सभी विधायकों को बैठक के लिए रविवार को दिल्ली तलब किया है।
सुखपाल खैरा गुट के 20 विधायकों में से 14 विधायक इस मीटिंग के लिए राजी हो चुके हैं जबकि अन्य 6 विधायकों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पंजाब के पार्टी नेताओं को मनाने के लिए मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि दोनों शीर्ष नेताओं की कोशिशों के बाद ही 14 विधायक शाम पांच बजे बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे।
मालूम हो कि इससे पहले इस संबंध में एक संदेश शनिवार को पार्टी की पंजाब इकाई के इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने सभी विधायकों को जारी कर दिया था। लेकिन खैरा खेमे के विधायक कंवर संधू ने दोटूक कहा है कि वे दिल्ली नहीं जा रहे हैं। जिन्हें उनसे बात करनी है, वे चंडीगढ़ आकर करें।
शनिवार को केजरीवाल के घर पर मौजूदा हालात को लेकर बैठक भी चुकी है। इसमें सिसोदिया के साथ ही पंजाब के तीन पार्टी विधायक प्रो. बलजिंदर कौर, कुलतार सिंह संधवा और अमरजीत सिंह भी शामिल हुए। एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के बारे किसी नेता ने बाहर आकर कोई जानकारी नहीं दी।
फूलका ने किया ट्वीट, संधू ने लिखा पत्र
पंजाब आप के वरिष्ठ नेता एडवोकेट एचएस फूलका ने ट्वीट कर राज्य के आप नेताओं को नसीहत दी कि वे आलाकमान से सूबे में पार्टी की स्वायत्तता की मांग करें न कि अलग पार्टी बनाने की। उन्होंने हिदायत दी कि आप नेताओं को आलाकमान के साथ जुड़े रहकर पंजाब में एक क्षेत्रीय पार्टी के रूप में काम करना चाहिए। जबकि कंवर संधू ने अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर मांग की है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी को क्षेत्रीय पार्टी की तरह काम करने दिया जाए। भगवंत मान और सुखपाल सिंह खैरा को पंजाब से जुड़े मामलों में फैसले लेने का अधिकार दिया जाना चाहिए। ऐसा करने से पार्टी की परेशानियां खत्म होंगी।
आज आरपार की बैठक
रविवार को दिल्ली तलब किए गए पंजाब आप से सभी विधायकों की मुलाकात को आरपार के नजीजे के तौर पर देखा जा रहा है। केजरीवाल द्वारा मजीठिया से माफी मांगे जाने को लेकर पंजाब आप के विधायकों ने जो नाराजगी और गुस्सा प्रदर्शित किया। कई विधायक पार्टी से अलग होने या अलग पार्टी बनाने की चर्चा में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार, 15 से अधिक विधायक बैंस बंधुओं की लोक इंसाफ पार्टी के साथ मर्जर की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं जबकि कुछ विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं। पंजाब आप के विधायक इस बात से भी खफा हैं कि केजरीवाल कोई भी फैसला लेने से पहले किसी की राय नहीं लेते।