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अमर उजाला इंपेक्ट: आर्थो इंप्लांट के रेट तय करने में पीजीआई बना देश में मॉडल

Wed, 28 Jun 2017 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 28 Jun 2017 09:35 AM IST
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Artho Implant model in the country, chandigarh news
पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : demo pics
आर्थोपेडिग इंप्लांट (घुटना व हिप) के रेट फिक्स करने में पीजीआई पूरे देश के अस्पतालों के लिए मॉडल बन गया है। देश में यह पहली बार है किसी अस्पताल ने आर्थोपेडिक्स इम्प्लांट के रेट तय किए हो। इससे पहले स्टंट के दाम तय करने में भी पीजीआई ने सबसे पहले पहल की थी।
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पीजीआई में अब घुटना व हिप इंप्लांट अमृत फार्मेसी से मिलेंगे। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ सेक्रेटरी सीके मिश्रा ने सस्ते रेट पर मिलने आर्थो इंप्लांट सुविधा का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को काफी लाभ पहुंचेगा। इस मॉडल को देश को दूसरे अस्पतालों में भी लागू करेंगे।
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25-30 प्रतिशत सस्ते हो गए इंप्लांट
अमृत फार्मेसी से इंप्लांट मिलने के बाद रेटों में करीब 25-30 प्रतिशत की गिरावट आई है। दरअसल मरीजों को पहले इंप्लांट डिस्ट्रीब्यूटर से मिलते थे। पीजीआई के डाक्टर सीधे डिस्ट्रीब्यूटर के पास भेजते थे। इससे डिस्ट्रीब्यूटर मनमाने रेट वसूलते थे। एक घुटना ट्रांसप्लांट में करीब सवा लाख से डेढ़ लाख रुपये का खर्च आता था। लेकिन अब डाक्टर मरीज को अमृत फार्मेसी भेजेंगे। वहीं से मरीज को खरीदना होगा।
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और भी हो सकते हैं सस्ते

Artho Implant model in the country, chandigarh news
पीजीआई में सुविधा
और भी हो सकते हैं सस्ते
पीजीआई के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में रेट हो सस्ते हो सकते हैं। अमृत फार्मेसी को सिर्फ चार कंपनियां सामान बेच रही हैं। जबकि इस क्षेत्र में 12 कंपनियां हैं। जो कंपनियां अभी सामान नहीं दे रही हैं, अब उनके आने की संभावना बन रही है। जब सभी कंपनियां आएंगी तो कंपटीशन बढ़ेगा और इससे रेट और गिरने की संभावना है।

पीजीआई प्रशासन की दखल के बाद तय हुए
अमर उजाला ने आर्थोपीडिक्स इंप्लांट में हो रही मनमानी वसूली का कई बार मुद्दा उठाया। उसके बाद पीजीआई प्रशासन ने इस पर दखल दिया। पीजीआई ने एक कमेटी गठित की। कमेटी ने सभी कंपनियों और अमृत फार्मेसी के साथ मीटिंग की। उसके बाद तय किया गया कि अब सारा सामान अमृत के जरिए बेचा जाएगा।
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