{"_id":"f9282cd743843fe12505a3615d217277","slug":"art-exhibition-shaktipunj-in-punjab-kala-bhawan-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"कला के अनोखे रंग देखने हैं तो आएं पंजाब कला भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कला के अनोखे रंग देखने हैं तो आएं पंजाब कला भवन
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 11 Mar 2014 12:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब कला भवन में चौथी नेशनल लेवल एग्जीबिशन शक्तिपुंज प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इसका निर्देशन वरिंदर कौर रोजी ने किया।
इस एग्जीबिशन में देशभर की कुल 37 महिलाएं हिस्सा ले रही है। रोजी का कहना है की एक आर्टिस्ट के तौर पर चाहती थीं कि चंडीगढ़ को कुछ नया दिखे।
एग्जीबिशन में नए प्रयोग
आमतौर पर एग्जीबिशन शुरू होते ही शोभी सिंह की एंट्री बहुत साधारण होती थी, लेकिन इस एग्जीबिशन में एंट्री को अखबार के कटे पन्नों से चिपका कर एक नया लुक दिया गया जो बहुत अच्छा और कलात्मक दिखता है। एग्जिबिशन में कुल 105 पेंटिंग लगाई गई है।
कंडोम के डिब्बों से संयम का संदेश
गुड़गांव की निताशा जैनी ने कंडोम के डिब्बे से कई मंजिलें और सड़कों को बनाया है और उसकी थीम नो तहलका ऑनली संयम रखा है।
निताशा से बात करने पर उन्होंने बताया कि वह गुड़गांव में एक फ्लेट में रहती है और खिड़की से बाहर पूरा शहर मंजिलों से घिरा दिखता है एक दिन टीवी में एक न्यूज चैनल के हैड द्वारा अपनी इंटर्न के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई तो इस आर्ट वर्क को बनाने का खयाल आया। पिछले 19 सालों से मर्द विषय पर ही काम कर रही हूं लेकिन इस बार लगा की कुछ सीख भी दी जाए।
शीशे के पीछे छुपकर औरत के दर्द को बयान किया
दिल्ली के आर्टिस्ट इंदर सलीम ने अपने आप को कांच के पीछे छीपा कर (जिसपर सॉरी लिखा था) औरतों की बंदिश को दिखाया और अपने बदन पर सॉरी लिखकर अपील की।
इंदर ने बताया की कल ही चंडीगढ़ आया था और इस एक्ट को करने के लिए कल ही आइडिया आया यह कोई प्रोटेस्ट नहीं है अपितु एक रिक्वेस्ट है। ये एग्जीबिशन 13 मार्च तक सुबह 11 से शाम 7 बजे तक रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस एग्जीबिशन में देशभर की कुल 37 महिलाएं हिस्सा ले रही है। रोजी का कहना है की एक आर्टिस्ट के तौर पर चाहती थीं कि चंडीगढ़ को कुछ नया दिखे।
एग्जीबिशन में नए प्रयोग
आमतौर पर एग्जीबिशन शुरू होते ही शोभी सिंह की एंट्री बहुत साधारण होती थी, लेकिन इस एग्जीबिशन में एंट्री को अखबार के कटे पन्नों से चिपका कर एक नया लुक दिया गया जो बहुत अच्छा और कलात्मक दिखता है। एग्जिबिशन में कुल 105 पेंटिंग लगाई गई है।
कंडोम के डिब्बों से संयम का संदेश
गुड़गांव की निताशा जैनी ने कंडोम के डिब्बे से कई मंजिलें और सड़कों को बनाया है और उसकी थीम नो तहलका ऑनली संयम रखा है।
निताशा से बात करने पर उन्होंने बताया कि वह गुड़गांव में एक फ्लेट में रहती है और खिड़की से बाहर पूरा शहर मंजिलों से घिरा दिखता है एक दिन टीवी में एक न्यूज चैनल के हैड द्वारा अपनी इंटर्न के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई तो इस आर्ट वर्क को बनाने का खयाल आया। पिछले 19 सालों से मर्द विषय पर ही काम कर रही हूं लेकिन इस बार लगा की कुछ सीख भी दी जाए।
विज्ञापन
शीशे के पीछे छुपकर औरत के दर्द को बयान किया
दिल्ली के आर्टिस्ट इंदर सलीम ने अपने आप को कांच के पीछे छीपा कर (जिसपर सॉरी लिखा था) औरतों की बंदिश को दिखाया और अपने बदन पर सॉरी लिखकर अपील की।
इंदर ने बताया की कल ही चंडीगढ़ आया था और इस एक्ट को करने के लिए कल ही आइडिया आया यह कोई प्रोटेस्ट नहीं है अपितु एक रिक्वेस्ट है। ये एग्जीबिशन 13 मार्च तक सुबह 11 से शाम 7 बजे तक रहेगी।
विज्ञापन