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Chandigarh News: अरोड़ा बने उद्योग व एनआरआई मामलों के मंत्री, धालीवाल की कैबिनेट से छुट्टी

Thu, 03 Jul 2025 08:42 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jul 2025 08:42 PM IST
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Arora becomes minister of industry and NRI affairs, Dhaliwal removed from cabinet
-राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राजभवन में दिलाई मंत्री पद की शपथ
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-सीएम मान भी रहे मौजूद, लुधियाना चुनाव में किया था मंत्री बनाने का वादा
-तरुणप्रीत सौंद से वापस लिया उद्योग विभाग, श्रम विभाग देखते रहेंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्यसभा सीट छोड़कर लुधियाना पश्चिम विधानसभा हलके से उपचुनाव जीतने वाले आप विधायक संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार में मंत्री बन गए हैं। उन्हें उद्योग, वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन व एनआरआई मामलों का मंत्री बनाया गया है।
वीरवार को राजभवन में हुए समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। इस दौरान पंजाब के सीएम भगवंत मान समेत अन्य कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे। अरोड़ा की एंट्री के साथ ही अजनाला के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल की कैबिनेट से छुट्टी हो गई है। उन्होंने वीरवार को ही सीएम मान को मंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। धालीवाल शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए। धालीवाल एनआरआई मामलों के मंत्री थे। उनसे लेकर यह विभाग अरोड़ा को सौंपा गया है। इसी तरह कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंद से उद्योग विभाग लेकर अब संजीव अरोड़ा को दिया गया है। अब सौंद के पास श्रम, ग्रामीण विकास और पंचायत, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और संस्कृति मामलों का विभाग रह गया है।
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मंत्रिमंडल में दो सीटें अब भी खाली
अरोड़ा के कैबिनेट में शामिल होने के बाद और कुलदीप धालीवाल के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में 16 मंत्री हो गए हैं। अब भी मंत्रिमंडल में दो सीट खाली रह गई है, क्योंकि मंत्रिमंडल में 18 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। लुधियाना पश्चिम सीट पर अरोड़ा ने 10,637 के अंतर से कांग्रेस के भरत भूषण आशु को हराकर जीत दर्ज की थी। उनका मंत्री बनना पहले से ही तय था। उनके चुनाव प्रचार के दाैरान आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अरोड़ा जीते तो उन्हें कैबिनेट में जगह दी जाएगी। इससे पहले पिछले साल सितंबर में मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हुआ था और चार मंत्रियों की छुट्टी कर दी थी। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा, हरजोत बैंस, डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. बलजीत कौर, हरदीप सिंह मुंडियां, मोहिंदर भगत, डॉ. रवजोत सिंह, बरिंदर गोयल, लालजीत भुल्लर, लाल चंद कटारूच्चक, गुरमीत सिंह खुड्डियां आदि मौजूद थे।
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कोट
मेरी जीत में शामिल लुधियाना और प्रदेश के सभी लोगों से वादा करता हूं कि अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी और लगन के साथ निभाऊंगा और साथ ही लुधियाना पश्चिम के लिए विजन डॉक्यूमेंट भी लागू करूंगा।
-संजीव अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री
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कोट
पंजाब कैबिनेट के मंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी के लिए संजीव अरोड़ा को बधाई। हमें विश्वास है कि वह अपने कार्यकाल में पंजाब के 3 करोड़ लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।
-अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक, आम आदमी पार्टी।
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कोट
मुझे उम्मीद है कि कैबिनेट मंत्री के रूप में संजीव अरोड़ा पंजाब के लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। पंजाब के विकास और राज्य के लोगों की भलाई के लिए पूरी ईमानदारी और बिना किसी भेदभाव के काम करेंगे।
-भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब।
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धालीवाल उस विभाग के मंत्री रहे, जो अस्तित्व में ही नहीं था
मंत्री पद पर बने रहने के दौरान धालीवाल का विवादों ने पीछा नहीं छोड़ा। वह उस प्रशासनिक सुधार विभाग के 21 महीने तक मंत्री रहे, जो असल में अस्तित्व में ही नहीं था। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। इस विभाग को अप्रैल 2018 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ही अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री रहते हुए समाप्त कर दिया था। इसी तरह पंचायतों की जमीन से कब्जा छुड़ाने के दौरान भी काफी विवाद हुआ था। धालीवाल खुद जमीन को कब्जा मुक्त करने के दौरान आगे रहते थे, जिस कारण अकसर उन्हें विरोध का भी सामना करना पड़ा। धालीवाल से धीरे-धीरे सभी विभाग वापस ले लिए गए थे। पहले उनसे कृषि विभाग वापस लिया था। उसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग भी उनसे वापस ले लिया गया था।
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सीएम मान ने इस्तीफा मांगा तो मैंने सौंपा दिया : धालीवाल
-बोले- मंत्री पद से हटाने का कारण तो हाईकमान को पता होगा, मैंने 24 घंटे किया काम
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस्तीफा मांगा तो मैंने सौंप दिया। मंत्री पद से हटाने का कारण तो हाईकमान को पता होगा, लेकिन मैंने 24 घंटे काम किया है। एक भी छुट्टी नहीं ली है। मंत्री पद की परवाह नहीं है, क्योंकि मैं पहले की तरह ही पंजाब के लिए काम करता रहूंगा।
धालीवाल ने कहा कि मुझसे कहा गया कि किसी और को कैबिनेट में मौका देना है, जिसके बाद मैं तुंरत इसके लिए तैयार हो गया। विधानसभा में हमारे 96 विधायक हैं, इसलिए हर किसी को मौका दिया जाना चाहिए। संजीव अरोड़ा एनआरआई मंत्री के रूप में मेरे से बेहतर काम करेंगे।

धालीवाल बोले, मैं वर्ष 2013 में अमेरिका की सिटीजनशिप और अपने बच्चों को छोड़कर पंजाब में वापस आया था, ताकि प्रदेश के लिए काम कर सकूं। मैं वर्ष 2015 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुआ था। मुझे मंत्री पद और विभागों की परवाह नहीं है और मैं इसे मन पर नहीं लगाने वाला। मैं आम आदमी पार्टी का वफादार सिपाही हूं और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के कारण अमेरिका छोड़कर आया हूं। सीएम मान मेरे दोस्त हैं। तीन साल तक कैबिनेट में काम करने का मौका दिया, उसके लिए मैं उनका आभार जताता हूं। जब मेरे पास पंचायती राज का विभाग था, तब मैंने 11 हजार एकड़ जमीन से अवैध कब्जा छुड़वाया है, जिसकी कीमत उस समय 2700 करोड़ रुपये थी। उसके बाद मुझे एनआरआई मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।

पंजाब के लिए आगे भी मेरी जंग जारी रहेगी
मैंने पिछले दो साल में एनआरआई के चार हजार केसों का समाधान करवाया। पंजाब के लिए आगे भी मेरी जंग जारी रहेगी। ड्रग्स के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूंगा। मैं अपने विधानसभा क्षेत्र अजनाला को पंजाब का नंबर हलका बनवाऊंगा। पार्टी मेरी जो भी ड्यूटी लगाएगी, उसे निभाने के लिए आगे भी तैयार हूं। मैंने पहले भी कहा था कि किसी और को मंत्री बनाया जाना चाहिए। पार्टी ने मुझे नई जिम्मेदारी देने की बात कही है।
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