सांसों के सिपाही: पंजाब में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांटों को संजीवनी देगी सेना, सरकार ने सौंपी लिस्ट
शुरुआत में सेना के एक्सपर्ट नंगल के दो प्लांटों पर काम कर रहे हैं और आगामी दो से तीन दिन में इनको चालू करने की उम्मीद है। इसके बाद सरकार की ओर से दी गई पूरी सूची के अनुसार सेना अलग-अलग शहरों में जाकर इंडस्ट्रियल प्लाटों में गैस उत्पादन शुरू करने का काम करेगी, बाद में उसे मेडिकल के लिए प्रयोग किया जाएगा।
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पंजाब में लगातार बढ़ते कोरोना मामलों और ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए अब सेना ने कमान संभाल ली है। सेना ने बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांटों को शुरू करने का ऑपरेशन शुरू कर दिया है। शुरुआत में सेना के एक्सपर्ट नंगल के दो प्लांटों पर काम कर रहे हैं और आगामी दो से तीन दिन में इनको चालू करने की उम्मीद है। इसके बाद सरकार की ओर से दी गई पूरी सूची के अनुसार सेना अलग-अलग शहरों में जाकर इंडस्ट्रियल प्लाटों में गैस उत्पादन शुरू करने का काम करेगी, बाद में उसे मेडिकल के लिए प्रयोग किया जाएगा।
ऑक्सीजन की कमी के कारण पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्र से कोटा बढ़ाने की अपील कर चुके हैं। सीएम ने जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह के साथ बैठक की थी और इस महामारी से लड़ने में मदद मांगी थी। इसी अपील पर वेस्टर्न कमांड नंगल स्थित बीबीएमबी में 1962 से बंद पड़े प्लांट चालू करने में जुट गई है।
इसी तरह पंजाब एलकेलिक प्लांट को भी शुरू किया जाएगा। दोनों ही प्लांटों पर सेना की टास्क फोर्स दिन-रात काम कर रही है। इनमें इंजीनियर, इलेक्ट्रिक मैकेनिकल समेत कुछ टेक्नोरेट शामिल हैं। इसके बाद राजपुरा और गोबिंदगढ़ में भी कुछ इंडस्ट्रीज का मुआयना करके इनको शुरू किया जाएगा।
आज फरीदाबाद और कल पटियाला में शुरू होगा अस्पताल
हिसार और बठिंडा में भी अस्पताल बनाने की तैयारी
सेना अब हरियाणा के हिसार और पंजाब के बठिंडा में भी 100-100 बेड के अस्पताल तैयार करने पर विचार कर रही है। वेस्टर्न कमांड ने इन दोनों स्थानों पर काम करने के लिए साउथ कमांड के पास पत्र भेजा है। संभावना है कि आने वाले दिनों में यहां पर भी काम शुरू होगा।
सिविलियन के लिए सेना के अस्पतालों में 15 प्रतिशत बेड आरक्षित
कोविड महामारी को देखते हुए पहली बार सेना के अस्पतालों में 15 प्रतिशत बेड सिविलियन मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। निजी अस्पतालों और सरकारी अस्पतालों के बेड फुल होने के कारण अब पूर्व सैनिक भी मिलिट्री अस्पतालों में आ रहे हैं। सेना के अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां पर सेना के अस्पताल हैं, उस जिले के सीएमओ और सेना के अधिकारी आपस में तालमेल करके इसको चलाएंगे।
आगामी दो से तीन दिन में पंजाब में दो ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएंगे। इसके बाद अन्य प्लांट पर काम किया जाएगा। इनके चालू होने के बाद ऑक्सीजन की दिक्कत नहीं रहेगी। हरियाणा की ओर से ऐसी कोई मांग नहीं आई है, आएगी तो इस पर जरूर गौर करेंगे। वहीं, बढ़ते केसों को देखते हुए मिलिट्री अस्पतालों में 15 प्रतिशत बेड सिविलियन मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए हैं। जहां पर भी बेड खाली होंगे, वहां पर उपलब्ध कराए जाएंगे। हिसार व बठिंडा में अस्पताल स्थापित करने पर विचार चल रहा है। - कर्नल जसदीप संधू, निदेशक, सिविल मिलिट्री अफेयर्स