सेना का ध्रुव हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त: पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर हुआ हादसा, रणजीत सागर झील में गिरा
पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा के पास सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो गया। हादसा पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमा पर रणजीत सागर झील में हुआ। घटनास्थल पर प्रशासनिक अमला पहुंच चुका है। झील में बचाव अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह सेना का यह हेलीकॉप्टर गश्त कर रहा था, तभी दुर्घटना का शिकार हुआ।
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पठानकोट के रणजीत सागर बांध की झील में मंगलवार की सुबह आर्मी की 254 एविएशन स्क्वाड्रन का ध्रुव हेलीकॉप्टर पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमा पर गश्त करते वक्त क्रैश हो गया। वहीं, हेलीकॉप्टर में सवार लेफ्टिनेंट कर्नल और कैप्टन लापता हैं। शाम छह बजे तक भी झील में बचाव अभियान जारी था। बचाव अभियान में पंजाब, जम्मू-कश्मीर पुलिस के अलावा सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगी हैं।
जानकारी के मुताबिक उक्त ध्रुव हेलीकॉप्टर (एएलएच मार्क-4) ने पठानकोट के मामून कैंट से सुबह 10:20 बजे उड़ान भरी थी। उसमें लेफ्टिनेंट कर्नल एएस भट्ट और कैप्टन जयंत जोशी सवार थे। 30 मिनट बाद अचानक हेलीकॉप्टर नियंत्रण खो बैठा और चालक दल समेत रणजीत सागर झील झील में समा गया।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने इस बाबत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने सेना को सूचित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक झील में गिरने से पहले जहाज लड़खड़ा रहा था। पायलट ने बहादुरी दिखाते हुए उसे पहाड़ी से टकराने से बचा लिया। हेलीकॉप्टर सीधा झील में गिरा। सैन्य सूत्रों के मुताबिक पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमा पर स्थित झील के आसपास मामून छावनी के हेलीकॉप्टर रोजाना गश्त करते हैं। मंगलवार को भी गश्त के लिए उक्त हेलीकॉप्टर निकला पर हादसाग्रस्त हो गया।
झील में मिला हेलीकॉप्टर का मलबा।
हेलीकॉप्टर क्रैश वाले स्थान पर गहराई अधिक
सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जहां हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ उस जगह पर झील काफी गहरी है। गहराई ज्यादा होने की वजह से डूबे हेलीकॉप्टर की लोकेशन पता नहीं चल पा रही है। पंजाब सरकार का ‘विजया’ बेड़े समेत पांच मोटर बोट की मदद से हेलीकॉप्टर को ढूंढने की कोशिश की जा रही है।
भौगोलिक स्थिति की बात करें तो यह इलाका घने जंगल और पहाड़ियों से घिरा है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां रोजाना हवाई गश्त की जाती है। सूत्रों का कहना है कि जब यह हादसा हुआ तब हेलीकॉप्टर झील से चंद मीटर की दूरी पर उड़ान भर रहा था। अचानक चालक दल नियंत्रण खो बैठा और हेलीकॉप्टर झील में समा गया।
झील में उतराता मलबा।
चालक दल की तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगी हैं। अब तक हेलीकॉप्टर के कुछ हिस्से को ही बरामद किया जा सका है। बाकी हिस्सा तलहटी पर पड़े होने की संभावना है। शाम छह बजे तक बचाव दल ने दोनों पायलटों के जूते और हेलमेट बरामद किए हैं। सैन्य अधिकारियों का यह भी मानना है कि हेलीकॉप्टर क्रैश होने से पहले ही दोनों पायलट कूद गए होंगे। जम्मू और पंजाब की टीमें रणजीत सागर झील के अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं। जांच करने के बाद दोबारा विजया जहाज (बेड़ा) के माध्यम से तलाश शुरू की गई।
फिलहाल चालक दल के दोनों सदस्यों की तलाश की जा रही है। हेलीकॉप्टर का कुछ मलबा और चालक दल का सामान बरामद हुआ है। बचाव कार्य जारी है। दुघर्टना कैसे हुई इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। - सुरेंदर लांबा, एसएसपी, पठानकोट।