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फुटबॉलर गुरप्रीत संधू को राष्ट्रपति कोविंद से मिला अर्जुन अवार्ड, बोले- अब और बढ़ गई जिम्मेदारी
Fri, 30 Aug 2019 02:16 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क,/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क,/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 30 Aug 2019 02:16 PM IST
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फुटबॉलर गुरप्रीत संधू
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ के स्टार गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू को बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति के हाथों अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सेरेमेनी राष्ट्रपति भवन में हुई। इस मौके पर गुरप्रीत सिंह संधू और उनके पिता तेजिंदर सिंह और मां हरजीत कौर भी उपस्थित रहे। गुरप्रीत को यह अवार्ड फुटबॉल के खेल में उनकी उपलब्धियों पर दिया गया है। गुरप्रीत सिंह यह अवार्ड लेने के लिए सीधे गोवा से दिल्ली पहुंचे। गोवा में भारतीय टीम का वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लिए कैंप लगा हुआ है। इसके अलावा शूटर अंजुम को विदेश से आने के बाद अर्जुन अवार्ड मिलेगा।
लाइफ टाइम मूवमेंट
गुरप्रीत सिंह संधू की मां हरजीत कौर (चंडीगढ़ डीएसपी ट्रैफिक साउथ) और पिता तेजिंदर सिंह (एसपी पीआईबी जगरांव) बेटे की कामयाबी और अवार्ड मिलने से काफी खुश है। हरजीत कौर ने बताया कि यह हमारे परिवार का पहला अर्जुन अवार्ड है। यह हमारे लिए लाइफ टाइम मूवमेंट हैं। हमारे बेटे ने इस मुकाम तक पहुंचने केलिए काफी मेहनत की है। आज बेटे ने हमारे परिवार का नाम गर्व से रोशन कर दिया।
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लाइफ टाइम मूवमेंट
गुरप्रीत सिंह संधू की मां हरजीत कौर (चंडीगढ़ डीएसपी ट्रैफिक साउथ) और पिता तेजिंदर सिंह (एसपी पीआईबी जगरांव) बेटे की कामयाबी और अवार्ड मिलने से काफी खुश है। हरजीत कौर ने बताया कि यह हमारे परिवार का पहला अर्जुन अवार्ड है। यह हमारे लिए लाइफ टाइम मूवमेंट हैं। हमारे बेटे ने इस मुकाम तक पहुंचने केलिए काफी मेहनत की है। आज बेटे ने हमारे परिवार का नाम गर्व से रोशन कर दिया।
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अब और दायित्व बढ़ेगा
अर्जुन अवार्ड मिलने पर गुरप्रीत सिंह संधू ने कहा कि अवार्ड मिलना मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है। हर खिलाड़ी इस अवार्ड के लिए सपना देखता है। अब इस खेल के प्रति मेरा दायित्व और बढ़ गया है।
कोच ने कहा आज मेरा सपना पूरा
गुरप्रीत सिंह संधू सेक्टर-45 के सेंट स्टीफंस स्कूल के छात्र रहे हैं। यहीं से फुटबॉल के गुर सीखे। उनके कोच सुरिंदर सिंह ने बताया कि अपने ट्रेनी की कामयाबी और अर्जुन अवार्ड मिलने से काफी खुश हूं। बतौर कोच यह मेरे लिए काफी खुशी की बात है। आज मेरा सपना पूरा हुआ हैं।
गुरप्रीत का करियर
गुरप्रीत सिंह संधू एक भारतीय पेशेवर फुटबॉलर हैं जो भारतीय क्लब बेंगलुरु के लिए गोलकीपर के रूप में खेलते हैं। 3 सितंबर को प्यूर्टो रिको के खिलाफ मैत्री मैच के लिए संधू को भारत की राष्ट्रीय टीम का कप्तान बनाया गया, एक मैच भारत ने 4-1 से जीता।
जन्म- 3 फरवरी 1992 (आयु 27 वर्ष), चमकौर साहिब
ऊंचाई- 1.98 मी
वजन - 90 किलो
कोच ने कहा आज मेरा सपना पूरा
गुरप्रीत सिंह संधू सेक्टर-45 के सेंट स्टीफंस स्कूल के छात्र रहे हैं। यहीं से फुटबॉल के गुर सीखे। उनके कोच सुरिंदर सिंह ने बताया कि अपने ट्रेनी की कामयाबी और अर्जुन अवार्ड मिलने से काफी खुश हूं। बतौर कोच यह मेरे लिए काफी खुशी की बात है। आज मेरा सपना पूरा हुआ हैं।
गुरप्रीत का करियर
गुरप्रीत सिंह संधू एक भारतीय पेशेवर फुटबॉलर हैं जो भारतीय क्लब बेंगलुरु के लिए गोलकीपर के रूप में खेलते हैं। 3 सितंबर को प्यूर्टो रिको के खिलाफ मैत्री मैच के लिए संधू को भारत की राष्ट्रीय टीम का कप्तान बनाया गया, एक मैच भारत ने 4-1 से जीता।
जन्म- 3 फरवरी 1992 (आयु 27 वर्ष), चमकौर साहिब
ऊंचाई- 1.98 मी
वजन - 90 किलो