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32 निजी स्कूलों के खिलाफ कमेटी ने डीएसई को सौंपी जांच रिपोर्ट

Thu, 07 Jul 2016 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 07 Jul 2016 01:39 AM IST
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arbitrary of Private schools: investigation report submitted against 32 private schools
एडमिशन घोटाला - फोटो : demo pics

शहर के प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी मामले में जांच रिपोर्ट तैयार, गठित कमेटी ने डीएसई को जांच रिपोर्ट सौंप दी। शहर के प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस, प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवाने और कैंपस में महंगी ड्रेस बेचने के मामले में डिप्टी डायरेक्टर वोकशनल सरोज मित्तल की अगुवाई में कमेटी  गठित की गई थी। बुधवार को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रुबिंदरजीत सिंह बराड़ को जांच रिपोर्ट सौंप दी।

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जानकारी के अनुसार डीएसई शुक्रवार को शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह को जांच कमेटी की रिपोर्ट सौंपेंगे। मामले में शिक्षा सचिव ही प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लेंगे। गौरतलब है कि 2 मई को डीएसई बराड़ ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ मिल रही शिकायतों की जांच के लिए सरोज मित्तल की अगुवाई में पांच सदस्यों की कमेटी गठित की थी। कमेटी के पास 100 से अधिक शिकायतें मिलीं। कमेटी ने 32 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ 76 शिकायतों को सही माना था। 
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जांच कमेटी की रिपोर्ट को किया था रिजेक्ट 
सरोज मित्तल की अगुवाई में गठित जांच कमेटी ने 13 जुलाई को डायरेक्टर हायर एजुकेशन जितेद्र यादव को रिपोर्ट सौंपी थी। लेकिन यादव ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर नए सिरे से तैयार करने के निर्देश दिए थे। मामले में कमेटी पर प्राइवेट स्कूलों को बचाने का आरोप लगा था। अब सभी की नजरें नई जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। 
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मुश्किल है प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई 
बेशक बुधवार को जांच कमेटी ने 32 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जांच रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई की सिफारिश की है। लेकिन यूटी प्रशासन द्वारा इन स्कूलों पर किसी भी तरह की कड़ी कार्रवाई होना मुश्किल है। आला अधिकारियों के अनुसार प्रशासन के पास प्राइवेट स्कूलों पर भारी फाइन या अन्य कड़ी कार्रवाई की पावर नहीं है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले स्कूलों को शोकॉज नोटिस भेजने और इस्टेट ऑफिस को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रद्द करने केे लिए सीबीएसई को भी चिट्ठी लिख सकता है। 

लोगों की ड्राफ्ट पॉलिसी को स्टडी करेगा शिक्षा विभाग 
यूटी प्रशासन द्वारा प्रशासक प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी से फीस पॉलिसी के ड्राफ्ट को मंजूरी दिलाई जा चुकी है। पॉलिसी को लेकर डेढ़ महीने तक आम लोगों से सुझाव लिए गए। करीब 30 लोगों ने भी ईमेल और चिट्ठी से सुझाव भेजे हैं। अब शिक्षा विभाग के अधिकारी फीस पॉलिसी को पुख्ता बनाने के लिए चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन (सीपीए) और एडवोकेट पंकज चांदगोठिया द्वारा तैयार की गई फीस पॉलिसी को स्टडी करेगें। डीएसई बराड़ के अनुसार दोनों फीस पॉलिसी को भी स्टडी किया जाएगा। 


रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन यूटी ने बताया क‌ि प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जांच कमेटी की रिपोर्ट बुधवार शाम तक मिल जाएगी। पूरे मामले को शुक्रवार शिक्षा सचिव के सामने रखा जाएगा। उच्च अधिकारी ही मामले में कार्रवाई पर फैसला लेंगे।

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