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एसएफसी ने दी पीजीआई के न्यूरोसाइंस और स्किल सेंटर को मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 May 2016 01:34 AM IST
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पीजीआई चंडीगढ़
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पीजीआई की स्टैडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) की मीटिंग में न्यूरोसाइंस सेंटर व मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर के लिए 500-500 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा मार्डन ओटी कांप्लेक्स, स्किल सेंटर, संगरूर के सेटेलाइट सेंटर के दूसरे फेज को क्लीयरेंस दी गई है। साथ ही अधिकारियों से कहा गया है कि सभी निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। एसएफसी की मीटिंग नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। इसमें पीजीआई के सभी आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया और कई दिशा-निर्देश जारी किए गए।
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300 बेड का है न्यूरोसाइंस सेंटर
300 बेड वाला न्यूरो साइंस सेंटर 10 करोड़ की आबादी की जरूरतों को पूरा करेगा। इसमें न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी के मरीजों लिए अलग ओटी, आईसीयू और वार्डों की सुविधा होगी। इसमें न्यूरो रेडियोलॉजी, न्यूरो एनास्थिसियोलॉजी न्यूरोपेथोलोजी की सुपर स्पेशिएलिटी भी होगी। इससे चंडीगढ़ सहित आसपास प्रदेशों के मरीजों को काफी फायदा मिलेगा। हालांकि मंजूरी मिलने के बाद अब इसके निर्माण में कम से कम चार से पांच साल का वक्त लगेगा।
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माडर्न ओटी कांप्लेक्स के मॉडिफिकेशन के साथ मंजूरी
यूटी प्रशासन के बाद अब एसएफसी ने भी मार्डन ओटी कांप्लेक्स को मंजूरी दे दी है। इसमें कुछ माडिफिकेशन करने को कहा गया है। नई ओटी कांप्लेक्स निवेदिता हॉस्टल के सामने व कैरोब्लाक के पीछे बननी है। ओटी कांप्लेक्स के लिए पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन की पुरानी डिमांड थी। ओटी कांप्लेक्स में दो दर्जन से अधिक ऑपरेशन थिएटर होंगे। वित्तीय मंजूरी के बाद इसके निर्माण में तीन से पांच साल का वक्त लगेगा। मौजूदा समय में नेहरू हॉस्पिटल के चौथे और पांचवें फ्लोर पर ऑपरेशन थिएटर हैं जो काफी पुराने हो गए हैं। हर तीन से चार महीने बाद ओटी में लीकेज की घटनाएं होती हैं। कुछ लाइटें जलती हैं तो कुछ खराब रहती हैं। हर साल ओटी की मरम्मत होती है। मरम्मत के दौरान ओटी को बंद रखा जाता है।
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किस साल कितनी सर्जरी
साल बड़ी सर्जरी छोटी सर्जरी कुल सर्जरी
2010 32,000 70,000 1.02 लाख
2011 33,000 91,000 1.25 लाख
2012 34,000 1.21 लाख 1.55 लाख
2013 37,000 1.39 लाख 1.76 लाख
2014 40,000 1.47 लाख 1.87 लाख
2015 42,478 1.59 लाख 2.01 लाख