चंडीगढ़ : 13 गांवों में अवैध पानी के कनेक्शन को वैध करने की मंजूरी, ऐसे एक बार में उठा सकते हैं लाभ
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चंडीगढ़ नगर निगम में शामिल 13 गांव में अवैध रूप से पानी का उपयोग कर रहे लोगों के लिए सुनहरा मौका है। अब लोग अपने पानी का कनेक्शन वैध करवा सकते हैं। इसके लिए निगम ने तीन वर्ग में विभाजित किया है। एक में 31 मई 2011 से पहले के पानी के बिलों के दाम तय किए गए हैं। दूसरे में 1 जून 2011 से 31 जुलाई 2018 तक के पानी के बिलों के दाम तय किए गए हैं। तीसरे में 1 अगस्त 2016 के बाद से पानी का उपयोग करने वालों के लिए दाम तय किए गए हैं। लोग एकमुश्त राशि देकर पानी का कनेक्शन वैध करवा सकते हैं।
1996 में निगम बनने के बाद 10 गांव निगम में शामिल हुए थे। उसके बाद पिछले साल निगम में 13 गांव शामिल किए गए थे। इन गांव में काफी मकान बन गए थे जो मानक के अनुसार नहीं थे। ऐसे में इन मकानों को तोड़ना सम्भव नहीं हो रहा था जबकि पानी का उपयोग सभी लोग कर रहे थे। वहीं निगम के 40 करोड़ रुपये के पानी के विवादित बिल हैं।
इन बिलों का भुगतान एकमुश्त राशि के अनुसार कराया जाए तो निगम को भी फायदा होगा और लोगों को भी राहत मिलेगी। इसी उद्देश्य से भाजपा पार्षद गुरुवार को हुई बैठक में टेबल एजेंडा लेकर आए, जिस पर सदन ने सहमति जता दी। प्रशासक की अंतिम मुहर के बाद यह व्यवस्था लोगों के लिए लागू हो जाएगी।
इस तरह एक बार में भर सकते हैं पानी के बकाया बिल
- 31 मई 2013 से पहले के बकाया बिलों के लिए-
- घरेलू 50 रुपये प्रति माह व व्यावसायिक 400 रुपये प्रति माह
- 1 जून 2011 से 31 जुलाई 2018 तक के बकाया बिल-
- घरेलू 200 रुपये प्रति माह और व्यावसायिक 800 रुपये प्रति माह
- 1 अगस्त 2016 के बाद के बकाया बिल का भुगतान-
- पेयजलापूर्ति अधिनियम 2011 अनुसार देना होगा
इन गांवों को मिलेगी राहत
धनास, सारंगपुर, मौलीजागरां, खुड्डा अलीशेर, कैम्बवाला, बहलाना, रायपुर खुर्द, रायपुरकलां, मक्खनमाजरा, किशनगढ़, खुड्डा लाहौरा, दड़वा, खुड्डा जस्सू।
पानी को लेकर अभी यह है स्थिति
- 256 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की खपत
- 30 प्रतिशत पानी लीकेज में होता है बर्बाद
- फेज-6 से पानी सप्लाई होता है शहर में
- 90 एमजीडी पानी मिलता है शहर को
- 110 एमजीडी पानी की है खपत
- 200 ट्यूबवेल से 22 एमजीडी पानी होता है सप्लाई
- 42 हजार नल के उपभोक्ता है शहर में
- 40 करोड़ के बिल विवादित हैं निगम के
- 03 समय पेयजल सप्लाई होती है शहर में
- 115 एमजीडी तक खपत बढ़ जाती है गर्मियों में