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Chandigarh News: मंत्रिमंडल के फैसले... कॉलोनियों को जारी लाइसेंस सरेंडर व आंशिक रूप से रद्द करने की मंजूरी
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-प्लॉटों की एकमुश्त अदायगी करने वाले आवंटियों के लिए रियायतों को मंजूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल ने पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पापरा) 1995 के तहत कॉलोनियों को जारी किए गए लाइसेंसों को आंशिक रूप से सरेंडर और रद्द करने काे मंजूरी दी है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने औद्योगिक पार्क परियोजनाओं को जारी की गई मंजूरी को आंशिक रूप से रद्द करने को भी सहमति दे दी। इस बारे में एक नीति 10 मार्च, 2025 को अधिसूचित की गई थी, जो पापरा एक्ट के तहत कॉलोनियों के विकास के लिए लाइसेंसों के समर्पण और औद्योगिक पार्कों के लिए मंजूरी से संबंधित है। यह निर्णय कुछ शर्तों के तहत लाइसेंस प्राप्त क्षेत्रों के आंशिक सरेंडर के साथ-साथ ऐसी परियोजनाओं के लिए लाइसेंसों को आंशिक रूप से निलंबित या रद्द करने की अनुमति देगा।
आवासीय, वाणिज्यिक और अन्य संपत्तियों के प्लॉटों के आवंटियों और बिडर्स को कुल राशि का 75 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मंत्रिमंडल ने आवंटियों को कई रियायतें देने की मंजूरी दी। आवंटियों को एकमुश्त भुगतान के बदले प्लॉट व साइट की कीमत पर 15 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इस निर्णय से राज्य सरकार को एक साथ आय प्राप्त होगी और ऐसे मामलों में डिफॉल्टर्स की सूची भी कम होगी।
ईडीसी, सीएलयू में वृद्धि को अनुमति
मंत्रिमंडल ने रियल एस्टेट प्रमोटरों पर लागू होने वाली बाहरी विकास दरों (ईडीसी), भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की दरों, लाइसेंस फीस (एलएफ) और अन्य दरों को बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी। इन प्रमोटरों को पापरा के तहत कॉलोनियों के साथ-साथ पंजाब सरकार की मेगा प्रोजेक्ट नीति के तहत मेगा परियोजनाओं के लिए बाहरी विकास शुल्क (ईडीसी) जमा करने की आवश्यकता होती है। इन दरों में बदलाव के लिए अंतिम बार 6 मई, 2016 को अधिसूचित किया गया था, जिसमें यह प्रावधान भी जोड़ा गया था कि एक अप्रैल से हर साल 10 प्रतिशत की दर से इन दरों में वृद्धि होगी। हालांकि, कुछ वर्षों के लिए सरकार ने इस वृद्धि को माफ कर दिया था। इन दरों में एक अप्रैल 2020 से वृद्धि की गई थी और वर्ष 2016 से लगभग 77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस निर्णय के साथ सीएलयू दरों, ईडीसी दरों और लाइसेंस फीस में एक अप्रैल 2026 से हर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल ने पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पापरा) 1995 के तहत कॉलोनियों को जारी किए गए लाइसेंसों को आंशिक रूप से सरेंडर और रद्द करने काे मंजूरी दी है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने औद्योगिक पार्क परियोजनाओं को जारी की गई मंजूरी को आंशिक रूप से रद्द करने को भी सहमति दे दी। इस बारे में एक नीति 10 मार्च, 2025 को अधिसूचित की गई थी, जो पापरा एक्ट के तहत कॉलोनियों के विकास के लिए लाइसेंसों के समर्पण और औद्योगिक पार्कों के लिए मंजूरी से संबंधित है। यह निर्णय कुछ शर्तों के तहत लाइसेंस प्राप्त क्षेत्रों के आंशिक सरेंडर के साथ-साथ ऐसी परियोजनाओं के लिए लाइसेंसों को आंशिक रूप से निलंबित या रद्द करने की अनुमति देगा।
आवासीय, वाणिज्यिक और अन्य संपत्तियों के प्लॉटों के आवंटियों और बिडर्स को कुल राशि का 75 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मंत्रिमंडल ने आवंटियों को कई रियायतें देने की मंजूरी दी। आवंटियों को एकमुश्त भुगतान के बदले प्लॉट व साइट की कीमत पर 15 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इस निर्णय से राज्य सरकार को एक साथ आय प्राप्त होगी और ऐसे मामलों में डिफॉल्टर्स की सूची भी कम होगी।
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ईडीसी, सीएलयू में वृद्धि को अनुमति
मंत्रिमंडल ने रियल एस्टेट प्रमोटरों पर लागू होने वाली बाहरी विकास दरों (ईडीसी), भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की दरों, लाइसेंस फीस (एलएफ) और अन्य दरों को बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी। इन प्रमोटरों को पापरा के तहत कॉलोनियों के साथ-साथ पंजाब सरकार की मेगा प्रोजेक्ट नीति के तहत मेगा परियोजनाओं के लिए बाहरी विकास शुल्क (ईडीसी) जमा करने की आवश्यकता होती है। इन दरों में बदलाव के लिए अंतिम बार 6 मई, 2016 को अधिसूचित किया गया था, जिसमें यह प्रावधान भी जोड़ा गया था कि एक अप्रैल से हर साल 10 प्रतिशत की दर से इन दरों में वृद्धि होगी। हालांकि, कुछ वर्षों के लिए सरकार ने इस वृद्धि को माफ कर दिया था। इन दरों में एक अप्रैल 2020 से वृद्धि की गई थी और वर्ष 2016 से लगभग 77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस निर्णय के साथ सीएलयू दरों, ईडीसी दरों और लाइसेंस फीस में एक अप्रैल 2026 से हर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
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