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प्रोफेसरों की नियुक्ति मामला: हाईकोर्ट में सरकार ने रखा पक्ष
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 13 Feb 2014 12:33 AM IST
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हरियाणा में 1396 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया के लिए जारी विज्ञापन में पीएचडी होल्डर्स की अयोग्यता के मामले में हरियाणा सरकार ने बुधवार को हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा।
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हरियाणा सरकार की ओर से उच्च शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। हलफनामे में कहा गया है कि इस मामले में विस्तृत कंसल्टेंसी की जरूरत है।
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उधर, याची पक्ष ने दलील दी कि सरकार ने ऐसा करके यूजीसी की गाइड लाइंस का उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट ने मामले में हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए हैं कि वह इस पर विस्तृत हलफनामा हाईकोर्ट में पेश करे।
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अंबाला निवासी राजीव एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिला कर आरोप लगाया है कि इन पदों को भरने के लिए जो योग्यता निर्धारित की गई है, उसमें पीएचडी धारकों को जगह नहीं दी गई है।
हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की ओर से जारी विज्ञापन में सिर्फ नेट और एचटेट को ही योग्य करार दिया गया है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जसबीर सिंह एवं एचएस सिद्घू की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
दाखिल याचिका में कहा गया है कि हरियाणा सरकार ने 30 सितंबर 2013 को इन नियुक्तियों के लिए अधिसूचना जारी की थी।
इसके बाद हरियाणा लोकसेवा आयोग ने 24 जनवरी को इन पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किया। याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि 1696 सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए पीएचडी धारकों को भी योग्य माना जाए।