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चंडीगढ़: प्रशासन ने लोगों से की आधा किराया लेने की अपील, खुद जुर्माना भी वसूल रहा

Wed, 26 May 2021 11:10 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 26 May 2021 11:10 PM IST
सार

प्रशासक दूसरों से किराया माफ करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन खुद उनके विभाग किराया माफ करना तो दूर जो किराया जमा नहीं करा पा रहे हैं, उनसे जुर्माना भी वसूल रहे हैं। लोगों की मांग है कि सीएचबी की तरफ से कोरोना काल में किराए पर ब्याज न वसूला जाए।

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Chandigarh administration is charging rent and interest from people living in small flats in lockdown 
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन के अधिकारी एक तरफ शहरवासियों से आग्रह कर रहे हैं कि अगर कोई उनके पास किराए पर रह रहा है तो उसकी मदद करें। मकान का किराया आधा लें, लेकिन दूसरी तरफ प्रशासन स्मॉल फ्लैट में रहने वाले हजारों लोगों से किराया तो वसूल ही रहा है, लॉकडाउन में जो किराया नहीं जमा कर पा रहे हैं, उनसे जुर्माने के तौर पर 12 प्रतिशत का ब्याज भी वसूल रहा है।

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पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने बीते दिनों शहरवासियों से आग्रह किया था कि अगर उनके पास कोई किराए पर रहता है तो उससे आधा ही किराया लें, क्योंकि लॉकडाउन की वजह से सभी व्यक्तियों की आमदनी पर काफी असर पड़ा है। प्रशासक के इस आग्रह पर लोगों की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। 
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लोगों ने कहा कि प्रशासक अगर मकान मालिकों को बिजली और पानी में छूट देंगे, तभी तो वह आगे किराए पर रहने वाले लोगों को राहत दे पाएंगे। शहर के विभिन्न हिस्सों में हजारों स्मॉल फ्लैट बनाए गए हैं, जिनमें कुल एक लाख से भी ज्यादा लोग रहते हैं। बोर्ड ने पिछले साल दो जून को यह नियम पास कर दिया कि किराया नहीं जमा कराने वालों पर कुल राशि पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा। लोगों की तरफ से मांग की जा रही है कि प्रशासक दूसरों से किराया माफ करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन खुद उनके विभाग किराया माफ करना तो दूर जो किराया जमा नहीं करा पा रहे हैं, उनसे जुर्माना भी वसूल रहे हैं। लोगों की मांग है कि सीएचबी की तरफ से कोरोना काल में किराए पर ब्याज न वसूला जाए।

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अब भी लोगों की सभी पर्चियां सीएचबी की वेबसाइट पर अपडेट नहीं

सीएचबी ने अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम (एआरएचसी) और स्मॉल फ्लैट्स निवासियों के लिए अकाउंट स्टेटमेंट यानी खाता विवरण की सुविधा शुरू की है। इसमें लोग देख सकते हैं कि अब तक उन्होंने कब-कब और कितना किराया जमा किया है। इस सुविधा में कई तरह की खामी है, जिसे अभी तक दूर नहीं किया गया है। 

स्मॉल फ्लैट्स में रहने वाले बहुत से लोगों ने जब वेबसाइट की जानकारी और उनके पास पड़ी पुरानी रसीदों को मिलाया तो पाया कि खाता विवरण से कुछ भुगतान गायब है, जबकि उसी भुगतान की रसीद लोगों के पास है। यही नहीं, बोर्ड ने ऐसे लोगों को रेंट डिफॉल्टर की सूची में डाल रखा है। ऐसे लोगों की संख्या हजारों में है। कुछ महीने पहले भी लोगों की तरफ से इस बारे में आवाज उठाई गई थी, लेकिन अभी तक बहुत से लोगों की सभी पर्चियां बोर्ड की वेबसाइट पर अपडेट नहीं हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
किराया न जमा कराने पर जो 12 प्रतिशत का ब्याज वसूला जा रहा है, यह लॉकडाउन से पहले की राशि है। हजारों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कई साल से किराया नहीं जमा कराया है। हालांकि, लॉकडाउन के दौरान के किराए पर लगने वाले ब्याज में राहत दी जा सकती है या नहीं, यह चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक फैसला लिया जाएगा। -यशपाल गर्ग, सीईओ, सीएचबी 

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