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ड्रग्स के मामलों में किसी भी तरह की मिलीभगत बर्दाश्त नहीं : डीजीपी
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चंडीगढ़। सेक्टर-26 पुलिस लाइन में आयोजित संपर्क सभा के दौरान डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने पुलिस मुलाजिमों से सीधा संवाद किया। डीजीपी ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस वर्ल्ड की बेस्ट पुलिस फोर्स है और ऐसी ही रहनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ड्रग्स के मामलों में किसी भी तरह की मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी या अधिकारी नशे के मामलों से जुड़ा पाया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने मुलाजिमों से अपील की कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहें और समाज से बुराई को खत्म करने में योगदान दें। सभा में मुलाजिमों ने कई समस्याएं भी डीजीपी के सामने रखीं। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। इस मौके पर आईजी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी बोले रुकी प्रमोशन जल्द होगी
सभा के दौरान डीजीपी ने कहा कि जिन मुलाजिमों की प्रमोशन रुकी हुई है उन्हें जल्द प्रमोट किया जाएगा। वहीं मेडिकल कारणों से पोस्टिंग या ट्रांसफर की जरूरत होने पर ट्रांसफर की जाएगी लेकिन जायज कारणों के आधार पर की जाएगी।
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मुलाजिमों की मुख्य मांगें
एक महिला सिपाही ने सेक्टर-26 अस्पताल में गायनी डॉक्टर की नियुक्ति की मांग की।
पुलिस लाइन में सीवरेज का पानी आने की समस्या को जल्द हल करने की मांग उठी।
मुलाजिमों ने कहा कि पहले पुलिसकर्मियों के बच्चों को भर्ती में 5 प्रतिशत कोटा मिलता था लेकिन अब यह बंद है। इसे बहाल किया जाए।
एक पुलिसकर्मी ने बताया कि दो साल से 13वीं सैलरी बंद कर दी गई है। डीजीपी ने कहा कि वह इसकी जांच कराएंगे और जरूरत पड़ने पर प्रशासन स्तर पर बात करेंगे।
बेहतरीन काम करने वाले 198 मुलाजिम सम्मानित
सभा में डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने होमगार्ड से लेकर डीएसपी रैंक तक के लगभग 198 अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतरीन कार्य के लिए सम्मानित किया। इनमें वे भी शामिल रहे जिन्होंने जांच के दौरान आरोपियों को अदालत से सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। डीजीपी ने कहा कि सब मिलकर नशे को जड़ से खत्म करने के लिए काम करेंगे। उन मुलाजिमों को सम्मानित किया गया जिनके केसों में अपराधियों को 20 साल, 10 साल, उम्र कैद और फांसी की सजा हुई है।
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इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ड्रग्स के मामलों में किसी भी तरह की मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी या अधिकारी नशे के मामलों से जुड़ा पाया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने मुलाजिमों से अपील की कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहें और समाज से बुराई को खत्म करने में योगदान दें। सभा में मुलाजिमों ने कई समस्याएं भी डीजीपी के सामने रखीं। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। इस मौके पर आईजी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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डीजीपी बोले रुकी प्रमोशन जल्द होगी
सभा के दौरान डीजीपी ने कहा कि जिन मुलाजिमों की प्रमोशन रुकी हुई है उन्हें जल्द प्रमोट किया जाएगा। वहीं मेडिकल कारणों से पोस्टिंग या ट्रांसफर की जरूरत होने पर ट्रांसफर की जाएगी लेकिन जायज कारणों के आधार पर की जाएगी।
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मुलाजिमों की मुख्य मांगें
एक महिला सिपाही ने सेक्टर-26 अस्पताल में गायनी डॉक्टर की नियुक्ति की मांग की।
पुलिस लाइन में सीवरेज का पानी आने की समस्या को जल्द हल करने की मांग उठी।
मुलाजिमों ने कहा कि पहले पुलिसकर्मियों के बच्चों को भर्ती में 5 प्रतिशत कोटा मिलता था लेकिन अब यह बंद है। इसे बहाल किया जाए।
एक पुलिसकर्मी ने बताया कि दो साल से 13वीं सैलरी बंद कर दी गई है। डीजीपी ने कहा कि वह इसकी जांच कराएंगे और जरूरत पड़ने पर प्रशासन स्तर पर बात करेंगे।
बेहतरीन काम करने वाले 198 मुलाजिम सम्मानित
सभा में डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने होमगार्ड से लेकर डीएसपी रैंक तक के लगभग 198 अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतरीन कार्य के लिए सम्मानित किया। इनमें वे भी शामिल रहे जिन्होंने जांच के दौरान आरोपियों को अदालत से सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। डीजीपी ने कहा कि सब मिलकर नशे को जड़ से खत्म करने के लिए काम करेंगे। उन मुलाजिमों को सम्मानित किया गया जिनके केसों में अपराधियों को 20 साल, 10 साल, उम्र कैद और फांसी की सजा हुई है।