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Punjab News: 1200 करोड़ के सिंचाई घोटाले में एक और पूर्व मंत्री से होगी पूछताछ, विजिसेंस ने समन भेजा
Sun, 25 Dec 2022 08:15 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 25 Dec 2022 08:15 PM IST
सार
अब दो महीनों में पूछताछ ने रफ्तार पकड़ी है। अब तक विजिलेंस पूर्व सीनियर आईएएस अधिकारी काहन सिंह पन्नू, केबीएस सिद्धू और पूर्व मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों से पूछताछ कर चुकी है।
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पूर्व मंत्री जनमेजा सिंह सेखों।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
सिंचाई विभाग के 1200 करोड़ रुपये के घोटाले की पंजाब विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। ब्यूरो ने अब एक और पूर्व मंत्री जनमेजा सिंह सेखों को पूछताछ के लिए समन भेजा है। सेखों को 30 दिसंबर को सुबह 10 बजे विजिलेंस ब्यूरो के समक्ष पेश होना होगा। विजिलेंस ने पूछताछ के लिए सीनियर अधिकारियों की तीन टीमें गठित की हैं। साथ ही सवालों से जुड़ा एक प्रोफार्मा तैयार किया है। पूछताछ के अलावा उनसे प्रोफार्मा भी भरकर लिया जाएगा। साथ ही अब तक हुई पूछताछ के जवाबों को जांचा जाएगा।
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2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनते ही इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। इससे पहले 10 साल लगातार शिअद-भाजपा की पंजाब में सरकार थी। इस दौरान विजिलेंस ने मामले में ठेकेदार गुरिंदर सिंह समेत तीन इंजीनियर को काबू किया था। ठेकेदार गुरिंदर सिंह ने पूछताछ में कई खुलासे किए थे। उसने आरोप लगाया था कि सिंचाई विभाग में ठेके अलॉट करने में बडे़ स्तर पर धांधली होती है।
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इसके अलावा उसने अधिकारियों व मंत्रियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। साथ ही महंगी गाड़ियां गिफ्ट में देनी पड़ती थी। हालांकि उस समय यह मामला किसी तरह ठंडे बस्ते में चला गया था लेकिन जैसे ही 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो जांच फिर शुरू की गई।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद पूर्व आईएएस अधिकारियों और पूर्व मंत्रियों से पूछताछ के लिए विजिलेंस को अनुमति दी लेकिन पूछताछ की राह भी इतनी आसान नहीं रही। दो पूर्व आईएएस अधिकारी तो पहले विदेश निकल गए। इसके बाद लुकआउट नोटिस जारी हुआ तो उन्होंने अदालत की शरण ली और लुकआउट नोटिस को रद्द करवाया। इसके बाद अब दो महीनों में पूछताछ ने रफ्तार पकड़ी है। अब तक विजिलेंस पूर्व सीनियर आईएएस अधिकारी काहन सिंह पन्नू, केबीएस सिद्धू और पूर्व मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों से पूछताछ कर चुकी है।