Asian Games: पिता ने जमीन गिरवी रखी, ताकि बेटी खेल सके, अब चीन में कांस्य पदक जीत नाम रोशन किया
मानसा जिले के सीमावर्ती गांव खैरा खुर्द के साधारण किसान जगदीश राम के घर अंजू रानी का जन्म हुआ। खेल के प्रति बेटी की लगन देख पिता ने अपनी दो एकड़ जमीन को आठ लाख रुपये में गिरवी रखकर उसकी खेल जरूरतों को पूरा किया।
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चीन में चल रहे एशियाई खेलों में मानसा जिले के गांव खैरा खुर्द की अंजू रानी ने अपनी टीम के साथ 35 किलोमीटर की दौड़ में कांस्य पदक जीतकर गांव और देश का नाम रोशन किया है। अंजू की जीत के बाद गांव में जश्न का माहौल है। अंजू रानी का अब आगे ओलंपिक खेलने का इरादा है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी।
35 किलोमीटर की पैदल दौड़ में चीन की टीम ने स्वर्ण, जापान ने रजत और भारतीय टीम ने कांस्य मेडल जीता है जबकि इस खेल में भारत, चीन, जापान के अलावा कोरिया, साउथ कोरिया, मलयेशिया और रूस की टीमों ने भाग लिया था।
भारतीय फौज में सेवा निभा रहीं अंजू रानी इस समय उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में तैनात हैं और उन्होंने चैंपियनशिप फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से इन खेलों में भाग लिया। अंजू रानी इससे पहले इंटर स्टेट पैदल दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
पिता ने जमीन गिरवी रख लिया कर्ज
मानसा जिले के सीमावर्ती गांव खैरा खुर्द के साधारण किसान जगदीश राम के घर अंजू रानी का जन्म हुआ। खेल के प्रति बेटी की लगन देख पिता ने अपनी दो एकड़ जमीन को आठ लाख रुपये में गिरवी रखकर उसकी खेल जरूरतों को पूरा किया। बेशक बेटी इस मिशन में कामयाब होने लगी है लेकिन परिवार का कर्ज अब बढ़कर 15 लाख रुपये हो गया है। अंजू रानी ने सरकार से परिवार का कर्ज माफ करने की मांग की।