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Chandigarh News: अनाम रिश्ता की लेखिका अंजलि सिफर ने जीता पहला पुरस्कार
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चंडीगढ़। सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन में रविवार को आधारशिला साहित्यिक संस्था की ओर से पुरस्कार वितरण एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस मौके पर कहानी प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया। पुरस्कृत कहानीकारों को नकद राशि, शॉल देकर सम्मानित किया गया।
प्रथम पुरस्कार कहानी अनाम रिश्ता के लिए अंजलि सिफर को, द्वितीय पुरस्कार कहानी एकाकीपन के लिए डॉ. पंकज मालवीय को और तृतीय पुरस्कार की विजेता रहीं बंगलौर की प्रगति त्रिपाठी की कहानी सरप्राइज। दो सांत्वना पुरस्कार प्रो. रणजोध सिंह एवं सुरेंद्र कुमार अरोड़ा ने जीते। आधारशिला साहित्यम की प्रधान अनिता सुरभि ने बताया कि यह प्रतियोगिता साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित की जाती है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेक्टर-36 के डीएवी महिला कॉलेज की प्रो. डॉ. सीमा कंवर रहीं। विशिष्ट अतिथि लेखक और नाटककार बलकार सिद्धु थे। वहीं, विशेष अतिथि प्रो.सुधीर बवेजा व अध्यक्ष अनिता सुरभि ने कहानी विधा पर विचार भी साझा किए।
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ये मौसम हार जाते हैं गरीबी जीत जाती है.. पर बजीं तालियां
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें ट्राईसिटी के कवियों व शायरों ने अपनी खूबसूरत रचनाएं सुनाईं। इनमें मुसव्विर फिरोजपुरी, अश्विनी शांडिल्य, मंयक, करन सहर, शीनू वालिया, चरणजीत चंदवाल, हर्ष चोपड़ा, अनिता सुरभि, राजेंद्र सौंद, अलका कांसरा, सुरेंद्र पाल और प्रवीण कुमारी रहे। मुसव्विर फीरोजपुरी ने वो सर्दी से ठिठुरता है न गर्मी ही सताती है, ये मौसम हार जाते हैं गरीबी जीत जाती है पेश कर वाहवाही के साथ तालियां बटोरीं। अनीता सुरभि ने काश, हवा का एक प्रबल सा झोंका आए, हम से लुका-छिपी खेलती इस जिंदगी के सारे सफहे पलट जाए, हम-तुम फिर पहले पन्ने से जिंदगी शुरू करें पेश कर वाहवाही लूटी।
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प्रथम पुरस्कार कहानी अनाम रिश्ता के लिए अंजलि सिफर को, द्वितीय पुरस्कार कहानी एकाकीपन के लिए डॉ. पंकज मालवीय को और तृतीय पुरस्कार की विजेता रहीं बंगलौर की प्रगति त्रिपाठी की कहानी सरप्राइज। दो सांत्वना पुरस्कार प्रो. रणजोध सिंह एवं सुरेंद्र कुमार अरोड़ा ने जीते। आधारशिला साहित्यम की प्रधान अनिता सुरभि ने बताया कि यह प्रतियोगिता साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित की जाती है।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेक्टर-36 के डीएवी महिला कॉलेज की प्रो. डॉ. सीमा कंवर रहीं। विशिष्ट अतिथि लेखक और नाटककार बलकार सिद्धु थे। वहीं, विशेष अतिथि प्रो.सुधीर बवेजा व अध्यक्ष अनिता सुरभि ने कहानी विधा पर विचार भी साझा किए।
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ये मौसम हार जाते हैं गरीबी जीत जाती है.. पर बजीं तालियां
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें ट्राईसिटी के कवियों व शायरों ने अपनी खूबसूरत रचनाएं सुनाईं। इनमें मुसव्विर फिरोजपुरी, अश्विनी शांडिल्य, मंयक, करन सहर, शीनू वालिया, चरणजीत चंदवाल, हर्ष चोपड़ा, अनिता सुरभि, राजेंद्र सौंद, अलका कांसरा, सुरेंद्र पाल और प्रवीण कुमारी रहे। मुसव्विर फीरोजपुरी ने वो सर्दी से ठिठुरता है न गर्मी ही सताती है, ये मौसम हार जाते हैं गरीबी जीत जाती है पेश कर वाहवाही के साथ तालियां बटोरीं। अनीता सुरभि ने काश, हवा का एक प्रबल सा झोंका आए, हम से लुका-छिपी खेलती इस जिंदगी के सारे सफहे पलट जाए, हम-तुम फिर पहले पन्ने से जिंदगी शुरू करें पेश कर वाहवाही लूटी।